श्रीनगर , सितंबर 03 -- लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने गुरुवार को केंद्र सरकार के नये काउंसिल बनाने के फैसले के बाद, केंद्र शासित प्रदेश के सभी सात जिलों में स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (एलएएचडीसी) बनाने की अधिसूचना को मंज़ूरी प्रदान की। इससे पांच नवसृजित जिलों में चुने हुए स्थानीय स्व-शासन का रास्ता साफ़ हो गया है।
केंद्र सरकार ने 13 जुलाई को लद्दाख केंद्र-शासित प्रदेश में नये एलएएचडीसी बनाने की घोषणा की थी। अधिकारियों ने बताया कि इस मंज़ूरी के बाद, एलएएचडीसी का विस्तार लद्दाख के सभी सात ज़िलों लेह, करगिल, शाम, नुब्रा, चांगथांग, ज़ांस्कर और द्रास तक किया जाएगा। चुनी हुई स्थानीय स्व-शासन की व्यवस्था पहले लेह और करगिल तक ही सीमित थी, जिसे अब केंद्र शासित प्रदेश के पांच नवसृजित ज़िलों तक भी बढ़ाया जाएगा।
यह घटनाक्रम लद्दाख में विकेंद्रीकरण और ज़मीनी स्तर पर शासन को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नयी परिषदों के गठन से लोगों को अपने-अपने ज़िलों के विकास और प्रशासन से जुड़े मामलों में ज़्यादा भागीदारी के लिए संस्थागत तंत्र मिलेगा।
उपराज्यपाल सक्सेना ने कहा, "लद्दाख के सभी सात ज़िलों में स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद का गठन ज़मीनी स्तर पर शासन को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे लोगों को सशक्त बनाने और स्थानीय आवश्यकताओं एवं आकांक्षाओं के अनुरूप विकास को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।"उपराज्यपाल ने इस ऐतिहासिक कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इन सात परिषदों के गठन से स्थानीय स्तर पर भागीदारी वाली शासन व्यवस्था का विकेंद्रीकरण एवं सुदृढ़ीकरण होगा जिससे ज़िला-स्तरीय योजना और विकास कार्यों में स्थानीय आकांक्षाओं और प्राथमिकताओं को बेहतर ढंग से शामिल किया जा सकेगा।
लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के राजस्व विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि नवसृजित काउंसिलों के चुनाव, लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद अधिनियम, 1997' की धारा आठ के तहत औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद सही समय पर कराये जाएंगे। यह अधिसूचना आधिकारिक राजपत्र में छपने की तारीख से लागू होगा।
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