पटना , जून 15 -- बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने सोमवार को भूतपूर्व सैनिकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनके कल्याण एवं हितों से संबंधित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया।
इस बैठक के दौरान प्रतिनिधियों ने बिहार सरकार की नौकरियों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान करने, अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ देने तथा राज्य सरकार की समूह 'क' एवं समूह 'ख' की सेवाओं में भर्ती के दौरान भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने की माँग की। उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों को उच्च शिक्षण संस्थानों में नामांकन के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने का भी अनुरोध किया।
प्रतिनिधियों ने सभी जिलों में जिला अनुश्रवण समिति के , बीएमपी-16 में भूतपूर्व सैनिकों की नियुक्ति करने तथा सभी जिलों में सैनिक हेल्प डेस्क को प्रभावी एवं सुचारु रूप से संचालित करने की भी माँग रखी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सैनिकों एवं भूतपूर्व सैनिकों को रजिस्ट्री शुल्क में रियायत देने, शस्त्र अनुज्ञप्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया को सुगम बनाने तथा राज्य प्रबंधन समिति को अधिक व्यापक एवं प्रतिनिधित्वपूर्ण स्वरूप प्रदान करने का अनुरोध किया।
राज्यपाल ने प्रतिनिधियों की ओर से बताए गए सभी विषयों को गंभीरतापूर्वक सुना और उनकी माँगों पर समुचित विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि भूतपूर्व सैनिकों के अनेक संगठनों के स्थान पर एक संयुक्त एवं सशक्त संगठन का गठन किया जाए, जिससे उनकी सामूहिक आवाज़ और अधिक प्रभावी ढंग से सामने आ सके तथा बेहतर ढंग से समन्वय हो सके।
बैठक में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, बिहार-झारखंड सब एरिया के डिप्टी जनरल ऑफिसर कमांडिंग ब्रिगेडियर अनिल बेदी, सैनिक कल्याण निदेशालय, बिहार के निदेशक ब्रिगेडियर मृगेन्द्र कुमार, पूर्व सैनिक सेवा परिषद् के पदाधिकारीगण तथा थल सेना, वायु सेना एवं नौ सेना के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
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