चंडीगढ़ , मई 27 -- पंजाब के राज्यपाल एवं केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने बुधवार को पंजाब लोक भवन में 'अटल संस्मरण' पुस्तक का विमोचन किया।

यह पुस्तक वरिष्ठ पत्रकार अशोक टंडन ने भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर लिखी है। इस मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने श्री वाजपेयी को दूरदर्शी राजनेता, आदर्श सांसद और सच्चे राष्ट्रवादी के रूप में वर्णित किया, जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन मातृभूमि की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि श्री वाजपेयी ने सदैव राजनीतिक हितों, व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं और सत्ता से ऊपर 'राष्ट्र प्रथम' को रखा।

श्री कटारिया ने कहा कि श्री वाजपेयी में कम आयु से ही अपने प्रभावशाली भाषणों और प्रेरणादायक कविताओं के माध्यम से लोगों से जुड़ने की अद्भुत क्षमता थी। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों में श्रोताओं को गहराई से प्रभावित करने तथा विभिन्न विचारधाराओं के लोगों को जोड़ने की शक्ति थी। उनके राष्ट्रप्रेम को स्मरण करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उनकी देशभक्ति और प्रभावशाली भाषण देने कला को देखते हुए तत्कालीन विपक्षी नेतृत्व ने भी उन्हें वर्ष 1977 में संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए भेजा था।

श्री कटारिया ने कहा कि चाहे पोखरण परमाणु परीक्षण हो, भारत के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करना, वैज्ञानिक प्रगति को बढ़ावा देना अथवा कारगिल युद्ध के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करना, श्री वाजपेयी का प्रत्येक महत्वपूर्ण निर्णय राष्ट्रीय हित और आत्मनिर्भर भारत के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता था।

श्री वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए श्री कटारिया ने कहा कि उनके विचार, आदर्श और लोकतांत्रिक मूल्य सदैव राष्ट्र का मार्गदर्शन करते रहेंगे तथा युवाओं को राष्ट्रवाद, ईमानदारी और जनसेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे। श्री टंडन ने इस पुस्तक को श्री वाजपेयी को समर्पित एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि बताते हुए उनसे जुड़े कई स्मरणीय अनुभव साझा किये। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) शबीहुल हसनैन ने कहा कि श्री वाजपेयी के व्यक्तित्व में राष्ट्रवाद और मानवीय मूल्यों का अद्भुत समन्वय था, जिसकी झलक उनकी कविताओं में भी दिखाई देती थी। भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्य पाल जैन ने श्री वाजपेयी को अपने शब्दों पर अडिग रहने वाले तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित राजनेता बताया। पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल वेद प्रकाश मलिक ने कहा कि श्री वाजपेयी महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय परामर्श, संवाद और सहमति में विश्वास रखते थे।

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