पटना , अगस्त 06 -- बिहार के राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने गुरुवार को बिहार लोक भवन में 'समर्थ' पोर्टल के कार्यों की समीक्षा की।

इस अवसर पर संबंधित अधिकारियों ने उन्हें विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रबंधन के लिए विकसित पोर्टल तथा इसके विभिन्न मॉड्यूलों की विस्तृत जानकारी दी।

समीक्षा के दौरान राज्यपाल ने पोर्टल के डैशबोर्ड का अवलोकन किया और कुलपति एवं प्रति-कुलपति के पदों पर नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की समीक्षा की। समर्थ पोर्टल के माध्यम से इन पदों के लिए देशभर से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। विदेशों में रह रहे अभ्यर्थियों ने भी इस पोर्टल के माध्यम से आवेदन किए हैं।

श्री हसनैन ने आवेदनों की स्क्रीनिंग एवं शॉर्टलिस्टिंग की प्रक्रिया पर चर्चा करते हुए कहा कि नियुक्तियों में एकरूप, व्यावहारिक एवं वस्तुनिष्ठ मानदंड अपनाए जाने चाहिए। उन्होंने डेटा की शुद्धता एवं विश्वसनीयता पर बल देते हुए कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी एवं विश्वसनीय होनी चाहिए।

राज्यपाल ने पोर्टल में कुलपतियों के अवकाश की स्वीकृति से संबंधित प्रावधानों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के आयकर की समय पर कटौती और जमा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके मासिक वेतन स्थिति नियमित निगरानी अत्यंत आवश्यक है। इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की।

बैठक में बताया गया कि समर्थ पोर्टल में कुल 5 पैकेज और 46 मॉड्यूल शामिल हैं। इनमें 3 बेसिक मॉड्यूल, 16 शैक्षणिक मॉड्यूल, 4 लेखा एवं वित्त मॉड्यूल, 17 गवर्नेंस मॉड्यूल तथा 6 कर्मचारी सेवा मॉड्यूल शामिल हैं। इनका उद्देश्य विश्वविद्यालयों के प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुचारु बनाना है।

श्री हसनैन ने कहा कि समर्थ पोर्टल का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य विश्वविद्यालयों के प्रशासन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही को और मजबूत करेगा।

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