देहरादून , जनवरी 25 -- उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर रविवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया।

राज्यपाल कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया और उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला अधिकारियों (डीएम) सह जिला निर्वाचन अधिकारी (डीआरओ) और ईआरओ को सम्मानित किया।

मंच पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव निर्वाचन दिलीप जावलकर, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे एवं जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल उपस्थित रहे।

राज्यपाल श्री सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित नागरिकों को मतदाता शपथ भी दिलाई। उन्होंने निर्वाचन गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले डीएम रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन, डीएम उत्तरकाशी प्रशांत आर्य, डीएम चम्पावत मनीष कुमार, डीएम बागेश्वर आकांक्षा कोंडे, तथा ईआरओ सह संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्, उप जिलाधिकारी खटीमा तुषार सैनी और उप जिलाधिकारी चकराता प्रेम लाल को प्री-एसआईआर के दौरान उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने स्टेट आईकॉन पद्मश्री बसंती बिष्ट, ओलपिंयन मनीष रावत एवं नुंग्शी मलिक को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर देहरादून जनपद के 18 वर्ष आयु पूर्ण कर चुके नए मतदाताओं को मतदाता पत्र देकर सम्मानित भी किया।

राज्यपाल ने सभी प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति सजग, जागरूक और सक्रिय नागरिक होते हैं। भारतीय संविधान ने प्रत्येक नागरिक को मताधिकार देकर लोकतंत्र को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी है। मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक और संवैधानिक कर्तव्य है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि प्रत्येक निर्वाचन में अनिवार्य रूप से अपने मत का प्रयोग करें और लोकतंत्र को सशक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि जब हर नागरिक मतदान करता है, तब भारत का लोकतंत्र और अधिक मजबूत बनता है।

राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष की थीम "मेरा भारत-मेरा वोट" यह संदेश देती है कि प्रत्येक वोट देश के भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब कोई नागरिक मतदान करता है, तो वह केवल अपने लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए निर्णय करता है। उन्होंने यह भी कहा लोकतंत्र की मजबूती नीतियों या संस्थाओं से नहीं, बल्कि नागरिकों की जागरूक भागीदारी से सुनिश्चित होती है। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग की सराहना करते हुए कहा कि आयोग पिछले सात दशकों से निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनावों का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है। उन्होंने निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षाबलों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए बधाई दी।

युवाओं और नए मतदाताओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने युवाओं से मतदान को केवल औपचारिकता न मानकर देश के भविष्य के निर्माण का माध्यम बनाने का आह्वान किया। उन्होंने राज्य की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मतदान प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए राज्य की निर्वाचन मशीनरी, बीएलओ और पोलिंग पार्टियों के प्रयासों की सराहना की।

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