पटना , जुलाई 16 -- बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने चन्द्रगुप्त प्रबंधन संस्थान, पटना (सीआईएमपी) में राष्ट्रीय अंतर-महाविद्यालयी क्रॉसवर्ड एक्सपेडिसन-2026 का शुभारंभ किया।

राज्यपाल ने इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि क्रॉसवर्ड एक ऐसी बौद्धिक गतिविधि है, जो सोचने-समझने की क्षमता को विकसित करती है और सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाती है। उन्होंने कहा कि जीवन की महत्वपूर्ण सीख कक्षा, परीक्षा और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों से मिलती है। क्रॉसवर्ड व्यक्ति को धैर्य रखने, बार-बार प्रयास करने और कठिन लगने वाली समस्या का समाधान खोजने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि किसी पहेली को अपने प्रयास से हल करने पर आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

श्री हसनैन ने कहा कि क्रॉसवर्ड विद्यार्थियों में तार्किक सोच, रचनात्मकता, नए ढंग से सोचने की क्षमता और समस्याओं का विभिन्न पहलुओं से विश्लेषण करने की आदत विकसित करता है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों और महाविद्यालयों में इस प्रकार की गतिविधियों को शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम कार्यक्रमों का हिस्सा बनाया जाना चाहिए, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।

राज्यपाल ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि नई तकनीक अनेक प्रश्नों के उत्तर कुछ ही क्षणों में उपलब्ध करा सकती है, लेकिन विद्यार्थियों के लिए अपनी सोचने, समझने और विश्लेषण करने की क्षमता को निरंतर विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि क्रॉसवर्ड, क्विज और वाद-विवाद जैसी गतिविधियाँ स्वतंत्र चिंतन, तार्किक विश्लेषण और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत बनाती हैं।

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