पटना , जुलाई 12 -- बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने रविवार को प्रो. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा लिखित ''कश्यप का जीवन और दर्शन'' नामक पुस्तक का विमोचन किया।श्री हसनैन ने बाबू जगजीवन राम संसदीय अध्ययन और राजनीतिक अनुसंधान संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में पुस्तक की विषय-वस्तु की सराहना करते हुए कहा कि इसका मूल संदेश सामाजिक एकता और समरसता को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि आज के समय में समाज को जोड़ने वाले विचारों और संवाद की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है तथा ऐसी कृतियाँ समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करती हैं। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान वे सामाजिक सद्भाव एवं एकता को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।

राज्यपाल ने अपने संबोधन के दौरान कश्मीर की प्राचीन परंपराओं और उससे जुड़े सांस्कृतिक आख्यानों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सभ्यता की ऐसी कथाएँ देश की सांस्कृतिक स्मृति और आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर से उनका जुड़ाव केवल प्रशासनिक एवं सुरक्षा संबंधी दायित्वों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि श्री अमरनाथ यात्रा से जुड़े अपने दीर्घ अनुभवों के कारण उसका एक गहरा आध्यात्मिक पक्ष भी है।

श्री हसनैन ने बताया कि उन्हें आठ बार श्री अमरनाथ यात्रा के प्रबंधन का दायित्व निभाने तथा कई वर्षों तक यात्रा मार्ग पर आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने का अवसर प्राप्त हुआ, जिसे वह अपना सौभाग्य मानते हैं। उन्होंने लोगों से जीवन में कम-से-कम एक बार श्री अमरनाथ यात्रा करने का आग्रह भी किया।

राज्यपाल ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आगामी विधानसभा सत्र में उच्च शिक्षा से संबंधित एक नए विधेयक को प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी महत्वपूर्ण कानून का निर्माण व्यापक अध्ययन, गहन विचार-विमर्श तथा निरंतर परिश्रम का परिणाम होता है।

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