पटना , जुलाई 31 -- बिहार के राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बिहार में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने तथा राज्य के विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रो. बिनोद कुमार त्रिपाठी को राज्यपाल सचिवालय में सलाहकार (संकाय उत्कृष्टता एवं शैक्षणिक विकास) नियुक्त किया है।

श्री त्रिपाठी बिहार लोक भवन में कार्यरत रहते हुए संकाय विकास, शैक्षणिक गुणवत्ता, संस्थागत सुधार, प्रत्यायन तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर राज्यपाल-सह-कुलाधिपति को रणनीतिक परामर्श प्रदान करेंगे।

राज्यपाल के नये सलाहकार श्री त्रिपाठी एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् हैं और उन्हें उच्च शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और शैक्षिक नीति के क्षेत्र में 40 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह यूजीसी के इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर टीचर एजुकेशन के संस्थापक निदेशक तथा एनसीईआरटी में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से पीएचडी हासिल करने वाले प्रो. त्रिपाठी ने संकाय विकास, शैक्षणिक सुधारों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

उल्लेखनीय है कि राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की इस व्यापक पहल के अंतर्गत राज्यपाल ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों तथा अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों में संकाय विकास कार्यक्रम के अनिवार्य आयोजन के लिए एक व्यापक रूपरेखा को स्वीकृति प्रदान की है। इस महत्वाकांक्षी पहल को प्रभावी दिशा और संस्थागत नेतृत्व प्रदान करने के लिए प्रो. त्रिपाठी को सलाहकार नियुक्त किया गया है।

इस कार्यक्रम के तहत शोध, डिजिटल शिक्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), नवाचार, शैक्षणिक नेतृत्व, भारतीय ज्ञान परंपरा, जलवायु परिवर्तन, साइबर सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य तथा कौशल विकास जैसे विषयों पर प्रतिवर्ष छह दिवसीय एफडीपी आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों की निगरानी बिहार लोक भवन में गठित संचालन समिति करेगी, जबकि पटना विश्वविद्यालय एवं बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र राज्य संसाधन केंद्र के रूप में कार्य करेंगे।

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