देहरादून/पौड़ी गढ़वाल , मार्च 28 -- उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत) ने पौड़ी जनपद के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन शनिवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया।
आज दूसरे दिन राज्यपाल जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, उपचार व्यवस्थाओं एवं आधारभूत ढांचे का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल का भ्रमण कर भर्ती मरीजों एवं उनके तीमारदारों से संवाद किया तथा उन्हें मिल रही चिकित्सा सुविधाओं, दवाइयों की उपलब्धता और डॉक्टरों के व्यवहार के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने कहा कि मरीजों को समयबद्ध, संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
श्री सिंह ने डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों से भी बातचीत कर उनके अनुभव, कार्य परिस्थितियों एवं उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी संसाधनों को कड़ी मेहनत और मानवीय संवेदनशीलता के साथ जोड़ने से ही स्वास्थ्य सेवाओं में वास्तविक प्रगति संभव है।
इस दौरान उन्होंने आईसीयू कक्ष, डिजिटल एक्स-रे कक्ष एवं सीटी स्कैन यूनिट का अवलोकन किया तथा वहाँ की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग करते हुए जिला अस्पताल को भविष्य में विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं से सुसज्जित बनाया जाएगा। साथ ही आईसीयू (गहन चिकित्सा इकाई) को और अधिक आधुनिक बनाने के भी निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद राज्यपाल ने जिला पुस्तकालय का विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने उन्हें पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों, आधुनिक फर्नीचर, पठन-पाठन की सुविधाओं, बुक स्टोरेज, वाई-फाई जोन, पेयजल व्यवस्था, पहाड़ी शैली में बनी बाह्य अवसंरचना, घंटाघर के एकीकरण एवं अन्य संसाधनों की विस्तृत जानकारी दी गयी। उन्होंने पुस्तकालय परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सराहना की और इसे विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बताया।
राज्यपाल श्री सिंह ने उपस्थित विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई, कैरियर योजनाओं एवं भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण एवं निरंतर प्रयास के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि "सोच, विचार और मजबूत धारणा ही सफलता की दिशा तय करती है।" विद्यार्थियों ने भी उनको अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के बारे में अवगत कराया। पाठकों ने आधुनिक सुविधाओं से युक्त पुस्तकालय विकसित किए जाने पर जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया तथा राज्यपाल से मिलकर प्रसन्नता जाहिर की।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण केंद्र होता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में शिक्षा का स्वरूप बदल रहा है, लेकिन उत्तराखण्ड की धरती ऐसी है जहाँ आध्यात्मिकता के साथ शिक्षा का समन्वय होता है। यहाँ विद्या का प्रवाह मानवता और आध्यात्मिकता दोनों को जोड़ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि पौड़ी की पावन भूमि से देश को प्रथम एवं द्वितीय सीडीएस, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जैसे विशिष्ट व्यक्तित्व मिले हैं।
राज्यपाल ने इस दौरान जिला पुस्तकालय के लिए एक कंप्यूटर, दो टैबलेट, 108 पुस्तकें एवं एक कॉफी मशीन भेंट करने की घोषणा की। इस दौरान बच्चे अत्यंत उत्साहित नजर आए और पाठकों ने उनसे उनके अनुभव सुनने का अवसर मिलने पर आभार व्यक्त किया।
अपने दौरे के दौरान राज्यपाल ने रांसी स्टेडियम पहुंचकर वहां अभ्यास कर रहे विभिन्न आयुवर्ग के खिलाड़ियों से भी मुलाकात की। उन्होंने एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों, विशेषकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित प्रतिभाओं से संवाद किया और उनका उत्साहवर्धन किया।
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