पटना , अगस्त 02 -- बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने रविवार को बिहार लोकभवन से ''नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान'' के शुभारंभ समारोह में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भाग लिया।इस दौरान राज्यपाल के साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी उपस्थित थे।
इस अभियान का वर्चुअल शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि जब भी वह युवाओं के बीच आते हैं, उन्हें भारत का भविष्य दिखाई देता है।
श्री हसनैन ने भारतीय सेना में चार दशक से अधिक समय तक सेवा के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि किसी सैनिक की सबसे बड़ी शक्ति उसका हथियार नहीं, बल्कि उसका चरित्र और अनुशासन होता है। हथियार चलाना सिखाया जा सकता है, प्रशिक्षण दिया जा सकता है, किंतु अच्छा चरित्र आत्मसंयम और आत्मअनुशासन से ही विकसित होता है।
राज्यपाल ने कहा कि यह अभियान युवाओं को आत्मसम्मान का महत्व समझाने का भी अभियान है। सम्मान सही निर्णयों और अच्छे आचरण से अर्जित होता है। युवाओं को समय-समय पर स्वयं से यह प्रश्न करना चाहिए कि क्या वे अपनी पूरी क्षमता के साथ जीवन जी रहे हैं और क्या उनके माता-पिता उन पर गर्व करेंगे। ऐसे प्रश्नों के सकारात्मक उत्तर ही सच्चे आत्मविश्वास का आधार बनते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि नशा स्वास्थ्य के साथ-साथ आत्मसम्मान का भी प्रश्न है। यह व्यक्ति को सच्चाई से दूर ले जाता है, जबकि सम्मान और अनुशासन कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति देते हैं। नशा व्यक्ति को कमजोर बनाता है, जबकि अनुशासन उसे मजबूत बनाता है।
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