देहरादून , फरवरी 26 -- उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने देहरादून स्थित लोक भवन में होली मिलन एवं उत्कृष्ट सम्मान समारोह का आयोजन किया और लोक भवन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
राज्यपाल ने गुरुवार को सम्मानित कार्मिकों को बधाई देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को मिलने वाला सम्मान उसके परिश्रम और समर्पण का परिणाम होता है। सम्मान मिलने के साथ-साथ जिम्मेदारियाँ भी बढ़ जाती हैं, क्योंकि सम्मानित व्यक्ति से परिवार, समाज और कार्यस्थल को अधिक अपेक्षाएँ होती हैं। उन्होंने कहा कि अनुशासन और मर्यादा का पालन जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने कार्य को पूरी लगन और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उत्कृष्टता की कोई सीमा नहीं होती, इसलिए सभी को अपने कार्य में निरंतर सुधार और बेहतर करने का प्रयास करते रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी कार्मिकों को सत्यनिष्ठा के साथ कार्य करना चाहिए और जीवन में नैतिक सीमाएं निर्धारित करते हुए किसी भी प्रकार के लालच या भ्रष्ट आचरण से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा ही एक अच्छे कर्मचारी और अच्छे नागरिक की पहचान होती है। उन्होंने होली की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह त्योहार हमें आपसी मनमुटाव और भेदभाव भुलाकर एक-दूसरे के साथ मिलजुल कर रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि होली मिलन का वास्तविक उद्देश्य आपसी संबंधों को मजबूत करना और नई सकारात्मक शुरुआत करना है।
इस अवसर पर प्रथम महिला गुरमीत कौर, सचिव रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, अपर सचिव रीना जोशी एवं लोक भवन के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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