ऋषिकेश , मार्च 14 -- उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने गंगा तट स्थित परमार्थ निकेतन में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 में भाग लिया।

महोत्सव का आज छठें दिन वैश्विक एकता और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ समापन हुआ।

महोत्सव में 80 से अधिक देशों से आए करीब 1500 योग साधकों, 75 योगाचार्यों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लेकर योग और ध्यान की सामूहिक साधना की। गंगा तट पर हुई इस साधना ने योग के माध्यम से विश्व शांति और सद्भाव का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने राज्यपाल का अंगवस्त्र और रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर स्वागत किया। साध्वी भगवती सरस्वती के सान्निध्य में आयोजित सत्रों में योग, ध्यान और आध्यात्मिकता पर विभिन्न विषयों पर चर्चा भी हुई।

महोत्सव में इक्वाडोर, गुयाना, बेलारूस, मंगोलिया, यूक्रेन, कोस्टा रिका, पनामा, जिम्बाब्वे, इंडोनेशिया, चाड और स्विट्जरलैंड सहित कई देशों के राजदूत, उच्चायुक्त और राजनयिक भी शामिल हुए। विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों ने गंगा तट पर योग अभ्यास कर भारतीय योग परंपरा की सराहना की।

यह आयोजन आयुष मंत्रालय और भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। पूरे सप्ताह चलने वाले इस महोत्सव में 80 से अधिक देशों के प्रतिभागी और 33 देशों के विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।

गंगा तट पर एक साथ हुए योग अभ्यास ने यह संदेश दिया कि योग केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं बल्कि विश्व को जोड़ने वाली जीवन पद्धति है। आयोजकों के अनुसार महोत्सव का उद्देश्य योग के माध्यम से विश्व में शांति, संतुलन और सकारात्मकता का प्रसार करना है।

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