नयी दिल्ली , मार्च 31 -- हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कवींद्र गुप्ता ने दिल्ली दौरे के दौरान मंगलवार को यहां स्थित हिमाचल एम्पोरियम का दौरा किया।

अपने दौरे के दौरान उन्होंने एम्पोरियम में प्रदर्शित हिमाचली उत्पादों और हस्तशिल्प की विविध श्रृंखला का अवलोकन किया तथा उनकी उत्कृष्ट कारीगरी और पारंपरिक विरासत की सराहना की।

राज्यपाल ने एम्पोरियम के अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत करते हुए हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच राज्य के स्वदेशी उत्पादों, विशेषकर हैंडलूम और हस्तशिल्प वस्तुओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्री गुप्ता ने स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और उद्यमियों को बेहतर विपणन अवसर और आधुनिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक उत्पादों का प्रचार-प्रसार न केवल सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करता है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय लोगों के लिए स्थायी रोजगार सृजन में भी सहायक है।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि हिमाचली उत्पाद अपनी गुणवत्ता, प्रामाणिकता और आकर्षक डिज़ाइन के लिए जाने जाते हैं तथा इनके घरेलू और वैश्विक बाजार में विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने अधिकारियों को नवाचार, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और प्रभावी विपणन रणनीतियों के माध्यम से इन उत्पादों के ब्रांड मूल्य को और बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

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