मुंबई , जनवरी 27 -- महाराष्ट्र और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मंगलवार को यहां वरिष्ठ पत्रकार एवं शिक्षाविद् आदित्य कांत की पुस्तक 'घोस्ट्स, हॉरर एंड हिल्स' का विमोचन किया।
राज्यपाल ने लोक भवन में आयोजित विमोचन समारोह में लेखक को बधाई देते हुए कहा कि भले ही पुस्तक का शीर्षक रहस्यमयी और डरावना लगता है, लेकिन उन्होंने इसमें शामिल 18 कहानियों के माध्यम से समाज सेवा और सकारात्मकता का संदेश दिया है। उन्होंने विभिन्न विषयों के इर्द-गिर्द सकारात्मकता वाली कहानियां बुनने के लिए लेखक की सराहना की।
श्री देवव्रत ने संवेदनशीलता को मानव जीवन का सबसे बड़ा गुण बताते हुए कहा कि इसे साहित्य से जोड़ने से समाज, विशेषकर युवाओं में संवेदनशीलता की भावना विकसित करने में मदद मिलती है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें व्यक्ति की सच्ची मित्र होती हैं जिन्हें पढ़ने से शांति एवं आंतरिक शक्ति मिलती है।
श्री आदित्य कांत ने कोविड महामारी के दौरान अस्पताल में भर्ती होने के अपने अनुभवों को याद करते हुए कहा " मैंने गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करते हुए और मृत्यु को करीब से देखते हुए भी, अन्य कोविड रोगियों की मदद करने की आंतरिक इच्छा महसूस की थी।" उन्होंने कहा कि इस पुस्तक की कहानियां विभिन्न तरीकों से आपसी सहयोग और पर्यावरण जागरूकता की भावना को बढ़ावा देती हैं।
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