सहारनपुर , अगस्त 29 -- 79 वर्षीय प्रखर समाजवादी नेता राजेंद्र चौधरी ऐसे अकेले जीवित जाट नेता हैं, जिन्हें पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने वर्ष 1974 में लोकदल के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ाया था। मौजूदा समय में राजेंद्र चौधरी समाजवादी पार्टी के विधान परिषद सदस्य और राष्ट्रीय महासचिव हैं।
राजेंद्र चौधरी बताते हैं कि उन्होंने और सत्यपाल मलिक ने डॉ. राममनोहर लोहिया के समय समाजवादी युवजन सभा में काम किया था। उन्होंने डॉ. लोहिया को कई बार देखा और उनसे मुलाकात भी की थी। हालांकि उनका कहना है कि डॉ. लोहिया उस समय इतने बड़े कद के नेता और युवाओं के प्रेरणास्रोत थे कि उनके आसपास रहने के बावजूद वह उन्हें व्यक्तिगत रूप से बहुत अच्छी तरह नहीं जानते-पहचानते थे। उस समय राजेंद्र चौधरी कक्षा 12 के छात्र थे।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी राजेंद्र चौधरी लंबे समय तक चौधरी चरण सिंह के भरोसेमंद लोगों में रहे। चौधरी चरण सिंह ने उन्हें वर्ष 1974 में लोकदल के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ाया था। इसके बाद 1977 में उन्होंने गाजियाबाद से जनता पार्टी के टिकट पर फिर चुनाव लड़ाया, जिसमें राजेंद्र चौधरी विधायक निर्वाचित हुए।
बाद में चौधरी अजीत सिंह के दौर में वह मुलायम सिंह यादव के साथ आ गए और तब से समाजवादी पार्टी में बने हुए हैं। वह अखिलेश यादव सरकार में खाद्य एवं रसद तथा कारागार विभाग के कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। राजेंद्र चौधरी के मीडिया से भी बेहद दोस्ताना संबंध रहे हैं। डॉ. राममनोहर लोहिया के व्यक्तित्व और विचारों से वह इतने प्रभावित रहे कि उन्होंने विवाह नहीं किया और सादगीपूर्ण जीवन जीते रहे। वह सत्ता की चमक-दमक से भी दूर रहे हैं।
राजेंद्र चौधरी ने शनिवार को यूनीवार्ता को बताया कि वर्ष 1974 में लोकदल के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने वाले जाट उम्मीदवारों में अब वह अकेले जीवित व्यक्ति हैं। उनका यह राजनीतिक सफर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की समाजवादी राजनीति के एक महत्वपूर्ण दौर का साक्षी रहा है।
हाल ही में राजेंद्र चौधरी को अचानक हृदय संबंधी गंभीर समस्या हुई थी और उन्हें कई दिनों तक आईसीयू में भर्ती रहना पड़ा था। अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी दिनचर्या सामान्य है। वह पार्टी के कामकाज को भी सक्रिय रूप से देख रहे हैं।
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