नयी दिल्ली , नवंबर 02 -- केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह सोमवार और मंगलवार को सिक्किम के गंगटोक और मंगन जिलों में डेयरी और पशुपालन से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास करेंगे।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस दौरान श्री सिंह डेयरी विकास पहलों की समीक्षा करेंगे और राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी) के तहत सिक्किम मिल्क यूनियन के लिए एक सूक्ष्मजीव विज्ञान प्रयोगशाला का उद्घाटन करेंगे। वह श्वेत क्रांति 2.0 के तहत 57 नयी डेयरी सहकारी समितियों (डीसीएस) की स्थापना के लिए पहलों का भी शुभारंभ करेंगे और पांच नव-पंजीकृत डीसीएस को पंजीकरण प्रमाणपत्र वितरित करेंगे।

इसके अतिरिक्त, उत्तर सिक्किम में 15 नयी डीसीएस के गठन की पहल का शुभारंभ किया जाएगा, जिससे अधिक डेयरी किसानों को सहकारी डेयरी नेटवर्क का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा। गंगटोक और जोरथांग में निर्मित छुरपी चीज़ के लिए अनुरेखण (ट्रेसेबिलिटी) पहल का भी अनावरण किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री केन्द्र सरकार की 10,000 किसान उत्पादक संगठन योजना के तहत सिक्किम मिल्क यूनियन के लिए दो फॉडर प्लस किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को भी बढ़ावा देंगे। वह जैविक शहद, रामतिल मिश्रित पाउडर तथा मोटे अनाज और कुट्टू से बने जैविक बिस्कुट एवं मिठाइयों सहित नए उत्पादों का भी अनावरण करेंगे। यह उत्पाद विविधीकरण और मूल्य संवर्धन की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम होगा।

इस दौरे में सिक्किम सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, मंगन जिला प्रशासन, भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग (डीएएचडी) के प्रतिनिधि, संबंधित मंत्रालयों के प्रतिनिधि, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी), डेयरी किसान, डेयरी सहकारी समितियाँ और डेयरी किसान उत्पादक संगठन भाग लेंगे।

पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) में डेयरी विकास में सिक्किम की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है। वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य में दूध का उत्पादन लगभग 89.35 हजार टन रहा और प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता लगभग 352 ग्राम प्रतिदिन थी। राज्य में डेयरी क्षेत्र के विकास को समर्थन देने के लिए, पशुपालन एवं डेयरी विभाग (डीएएचडी) ने वर्ष 2014 से राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम) के तहत 7,093.99 लाख रुपये जारी किए हैं। इसके अतिरिक्त, देशी सिरी गोवंश नस्ल के विकास और संरक्षण के लिए Rs.2,763.92 लाख की एक विशेष परियोजना स्वीकृत की गई है।

सिक्किम में याक के विकास और संरक्षण के लिए वर्ष 2023-24 के दौरान एक करोड़ रुपये जारी किये गये थे। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत चालू वित्त वर्ष 2026-27 में उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता वाले (एचजीएम) याक प्रजनन सांडों की खरीद के लिए एक करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी) के तहत, पशुपालन एवं डेयरी विभाग (डीएएचडी) ने 59.60 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय वाली नौ परियोजनाएं स्वीकृत की हैं, जिसमें 54.61 करोड़ रुपये का केंद्रीय अंश शामिल है। इस राशि में से 53.59 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं, जबकि 52.61 करोड़ रुपये का उपयोग किया जा चुका है।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) के तहत, पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने वित्त वर्ष 2020-21 से अब तक चारा उत्पादन के लिए 1,914.39 लाख, पशुधन बीमा के लिए 530.62 लाख, छोटे जुगाली करने वाले पशुओं और सूकरों की नस्ल सुधार के लिए 408.64 लाख तथा प्रशिक्षण एवं प्रसार गतिविधियों के लिए 359.80 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है।

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