भोपाल , सितंबर 02 -- मध्यप्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने राज्य की भाजपा सरकार द्वारा राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को तीन हिस्सों में बांटने और उससे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम हटाने के फैसले की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित कदम बताया है।

श्री सिंह ने कहा कि केवल नाम बदल देने से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के योगदान को इतिहास और जनता के दिलों से मिटाया नहीं जा सकता। उन्होंने विश्वविद्यालय से राजीव गांधी का नाम हटाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और आरोप लगाया कि सरकार सुनियोजित तरीके से इस प्रतिष्ठित संस्थान से उनका नाम हटाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि भारत के आधुनिक विकास में राजीव गांधी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। देश में कंप्यूटर और आधुनिक प्रौद्योगिकी के विस्तार की दिशा में उनके प्रयासों को हमेशा याद किया जाएगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनहित से जुड़े वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए नाम बदलने की राजनीति कर रही है।

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