बांसवाड़ा , मई 20 -- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) को महिला सशक्तीकरण का रोल मॉडल बताते हुए कहा है कि इसके माध्यम से गांव की महिलाएं लाखों- करोड़ रुपये के करोबार से जुड़कर सशक्त हो रही हैं और यह ना केवल रोजगार उपलब्ध करवा रही है, अपितु ग्रामीण क्षेत्रों में एक बड़ा सामाजिक बदलाव भी ला रही है।

श्री शर्मा बुधवार को बांसवाड़ा के कुशलगढ़ स्थित चुड़ादा गांव में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा अनुसार महिला, युवा, किसान और मजदूर के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। इन वर्गों के जीवन स्तर में सुधार होने से ही गांव, तहसील, जिला, प्रदेश और देश का विकास सुनिश्चित हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और उनके गरिमापूर्ण जीवन के लिए प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, घर-घर शौचालय का निर्माण, उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर वितरण, हर घर नल से जल और जन-धन खाते खुलवाकर महिलाओं और बेटियों के जीवन में खुशहाली लाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व की दिशा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण की शुरूआत की। इस अधिनियम को और सशक्त करने की प्रधानमंत्री ने हाल ही में पहल की, लेकिन विपक्ष ने राजनीति के चलते इस बिल को संसद में पारित नहीं होने दिया।

उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्यरत है। मा वाउचर योजना तहत आज महिलाओं को फ्री सोनोग्राफी की सुविधा दी जा रही है। बालिकाओं को 13 लाख से अधिक साइकिलों और 44 हजार से अधिक स्कूटियों को वितरित कर लाभान्वित किया गया है। वहीं, मातृ वंदन योजना में राशि पांच हजार से बढ़ाकर 6,500 रुपये की गई है और लाडो प्रोत्साहन योजना में बालिकाओं के जन्म पर 1 लाख 50 हजार रुपये का सेविंग बॉण्ड भी दिया जा रहा है। इसी प्रकार एक करोड़ से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को निशुल्क सेनेटरी नेपकिन वितरित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना से महिलाओं के जीवन स्तर में निरंतर सुधार आ रहा है। यह महिलाओं की आत्मनिर्भरता की प्रतीक बन गई है। प्रदेश की 22 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से लगभग 17 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। डूंगरपुर और बांसवाड़ा में भी महिलाओं ने इस योजना का बढ़-चढ़ कर भाग लिया है। उन्होंने आह्वान किया कि महिलाएं स्वयं भी आगे बढ़ें और राजीविका के समूहों से औरों को भी जोड़ें। वे छोटी पूंजी से अपने बड़े सपनों को साकार करें। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की दुनिया में विशेष पहचान है। जनजातीय लोगों ने प्रदेश की गौरवशाली संस्कृति को संजोए रखा है। उनके गांव-ढ़ाणी का विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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