लखनऊ , मार्च 02 -- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नियमित समीक्षा और सख्त मॉनीटरिंग का असर प्रदेश में राजस्व मामलों के निस्तारण पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलावार लंबित मामलों की लगातार समीक्षा की जा रही है, जिससे त्वरित और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित हो रहा है।

राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की फरवरी माह की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 3,34,538 राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया। कुल निस्तारित मामलों में राजधानी लखनऊ 15,981 मामलों के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर रहा।

इसके बाद प्रयागराज ने 14,132 मामलों के साथ दूसरा, आजमगढ़ 9,333 मामलों के साथ तीसरे और जौनपुर 8,912 मामलों के साथ चौथे स्थान पर रहा। बाराबंकी ने 8,378 मामलों के निस्तारण के साथ पांचवां स्थान प्राप्त किया। वहीं जनपदीय न्यायालयों में राजस्व मामलों के निस्तारण में जौनपुर ने लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने निर्धारित मासिक मानक 250 के सापेक्ष 542 मामलों का निस्तारण किया, जो 216.80 प्रतिशत उपलब्धि है। इसी श्रेणी में बस्ती ने 381 मामलों के साथ दूसरा और प्रतापगढ़ ने 353 मामलों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया।

जिलाधिकारी न्यायालयों के स्तर पर भी जौनपुर ने श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। निर्धारित 30 मामलों के सापेक्ष 86 मामलों का निस्तारण कर 286.67 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई, जो प्रदेश में सर्वाधिक है। इस श्रेणी में भदोही दूसरे और बिजनौर तीसरे स्थान पर रहे।

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