रायपुर , मई 26 -- छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के दौरान राजस्व मामलों में लापरवाही को लेकर सियासत तेज हो गई है। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा का रायपुर तहसील कार्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को फटकार लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार पर मंगलवार को निशाना साधा। पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कथित "सुशासन तिहार" में पूरा मंत्रिमंडल नाटक कर रहा है। उन्होंने लिखा कि अधिकारियों को गाली देकर जनता को बहलाया नहीं जा सकता, जनता को "रिजल्ट चाहिए, रील नहीं।"दरअसल, सोमवार को श्री वर्मा ने रायपुर तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आम लोगों की शिकायतें सुनीं। इसी दौरान एक महिला ने मंत्री को बताया कि वह पिछले एक महीने से अपनी रजिस्ट्री की कॉपी में सुधार कराने के लिए लगातार तहसील कार्यालय के चक्कर काट रही है लेकिन अब तक उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

महिला ने बताया कि ऑनलाइन रिकॉर्ड में उसके मकान का नाम किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज हो गया है। रिकॉर्ड सुधार के लिए वह पटवारी और संबंधित अधिकारियों से लगातार संपर्क कर रही है, लेकिन हर बार उसे केवल आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। महिला ने यह भी कहा कि उसके ससुर बीमार हैं और कार्यालय आने की स्थिति में नहीं हैं, इसके बावजूद बार-बार उन्हें दफ्तर बुलाया जा रहा है।

महिला की शिकायत सुनते ही मंत्री वर्मा नाराज हो गए। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से जवाब-तलब करते हुए कहा कि अधिकारी "सांप की तरह बैठे" रहते हैं और लोगों की समस्याओं का समय पर निराकरण नहीं करते। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि "जनता की सेवा के लिए बैठे हो, कुर्सियां तोड़ने के लिए नहीं।" मंत्री की फटकार के बाद अधिकारी तत्काल महिला की शिकायत के समाधान में जुट गए।

इससे पहले भी राजस्व मंत्री सुशासन तिहार के दौरान कार्रवाई को लेकर चर्चा में रहे हैं। करीब एक सप्ताह पहले रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा में आयोजित समाधान शिविर में ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि एक छोटे किसान की जमीन रिकॉर्ड में "निरंक" दर्ज कर दी गई है और उसे कई दिनों तक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़े। शिकायत सुनने के बाद मंत्री ने मंच से ही बिलाड़ी के पटवारी को एक घंटे के भीतर निलंबित करने के निर्देश दिए थे।

राजस्व मंत्री ने तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने तहसीलदार को एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण चिन्हांकित कर कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी थी कि समय-सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा था कि यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो संबंधित उपजिलाधिकारी के खिलाफ मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।

उधर, इससे पहले आरंग क्षेत्र के नगर पंचायत समोदा में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी शिकायतों को लेकर नाराज हो गए थे। उन्होंने नायब तहसीलदार गजानंद सिदार को फटकार लगाते हुए कहा था, "आपका अभिनंदन करें कि क्या करें बताओ।" उन्होंने कहा, "सबसे ज्यादा शिकायत आपकी है। कितना पैसा लेते हो, जो लोगों को बोलते हो. क्या बोलते हो लोगों से? इसकी सबसे ज्यादा शिकायत है। कितना पैसा दिए हो सांसद जी को. कितना पैसा दिए हो?" सांसद की टिप्पणी के दौरान वहां मौजूद ग्रामीणों ने तालियां बजाकर प्रतिक्रिया दी।

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