नयी दिल्ली, 01 अगस्त 2026 (वार्ता) संगठित तस्करी नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोहों के खिलाफ अपने सतत अभियान के तहत राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने इस सप्ताह देशभर में खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए अभियानों में 14 करोड़ रुपये मूल्य का तस्करी का 9.5 किलोग्राम सोना और इसके साथ साथ काफी मात्रा में हेरोइन, एमडीएमए, हाइड्रोपोनिक गांजा, लाल चंदन, प्रतिबंधित वन्यजीव उत्पाद, ई-सिगरेट, विदेशी मूल के पोस्ता बीज तथा सुपारी जब्त की है।
इन अभियानाें में तस्करी और अवैध व्यापार में शामिल पांच विदेशी नागरिकों सहित 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और तस्करी का माल छिपाने वाली अत्याधुनिक तकनीकों का भी पता लागया है।
वित्त मंत्रालय ने डीआरआई की ओर से शनिवार को जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि 29 जुलाई को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर डीआरआई अधिकारियों ने दुबई से आए दो विदेशी यात्रियों को रोका। जांच के दौरान उनके ट्रॉली बैग में स्टील शीट और डबल-साइड टेप की सहायता से बनाई गई गुप्त तहखाना मिला, जिसमें 40 विदेशी मूल की सोने की बट्टियां छिपाई गई थीं जिनका वजन चार किलोग्राम है। सोना जब्त कर दोनों यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
डीआरआई और सीमा सुरक्षा बल (बीएसफ) ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर संयुक्त कार्रवाई करते हुए लगभग 3.2 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना जब्त किया। यह सोना तुंगी, हिली बॉर्डर गेट तथा हाकिमपुर के नित्यानंदकाटी क्षेत्र में अलग-अलग अभियानों के दौरान बरामद हुआ। इन मामलों में एक महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।
वाराणसी, दिल्ली एयरपोर्ट और तमिलनाडु में तीन अलग-अलग अभियानों में एजेंसी ने लगभग 2.2 किलोग्राम सोना जब्त करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया ।
इस तरह इन कार्रवाइयों में कुल मिलाकर लगभग 9.5 किलोग्राम सोना, जिसकी अनुमानित कीमत 14 करोड़ रुपये है, जब्त किया गया तथा नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इसी तरह प्रतिबंधित आयात से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में डीआरआई अधिकारियों ने पाकिस्तान मूल के लगभग 14 टन गुग्गुल राल के आयात के प्रयास का पर्दाफाश किया। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 1.4 करोड़ रुपये है। इसे सोमालिया मूल का प्राकृतिक राल बताकर दुबई के रास्ते भारत लाया जा रहा था।
गुग्गुल राल भारत और पाकिस्तान के शुष्क क्षेत्रों में पाया जाने वाला पौधा है और इसका कारोबार प्रतिबंधित है1 जांच में पता चला कि यह माल पाकिस्तान मूल का था और फर्जी दस्तावेजों के जरिए ट्रांस-शिपमेंट किया गया था। यह आयात विदेश व्यापार महानिदेशालय ( डीजीएफटी) के नियमों का भी उल्लंघन है क्योंकि पाकिस्तान से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात प्रतिबंधित है। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।
एक अन्य कार्रवाई में डीआरआई ने चेन्नई के बाहरी इलाके में एक ट्रक से 142 लाल चंदन के लट्ठे, जिनका कुल वजन लगभग 4.8 टन था, बरामद किए। इन्हें खाली प्लास्टिक क्रेट्स के पीछे छिपाया गया था। जब्त माल की अनुमानित कीमत लगभग 2.5 करोड़ रुपये है। जांच में एक संगठित तस्करी गिरोह की संलिप्तता सामने आई और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।
विज्ञप्ति में बताया गया है कि मणिपुर में म्यांमार से होने वाली सीमा-पार मादक पदार्थ तस्करी की सूचना पर डीआरआई ने असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए चुराचांदपुर के पास एक वाहन से 220 साबुन के डिब्बों में छिपाई गई लगभग 2.7 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसी तरह मुंबई में दो अलग-अलग अभियानों में डीआरआई अधिकारियों ने दिल्ली से आए दो विदेशी महिला यात्रियों के सामान में बनाई गई विशेष गुप्त तहों से लगभग दो किलोग्राम एम्फेटामाइन क्रिस्टल और एमडीएमए टैबलेट बरामद किए। दोनों महिलाओं को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया।
अधिकारियों ने नई दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट और कालीकट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो अलग-अलग मामलों में बैंकॉक से आए दो यात्रियों (जिनमें एक विदेशी नागरिक भी शामिल था) के पास से लगभग 25 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया गया। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
बाकू उत्पादों की तस्करी के खिलाफ एक अन्य कार्रवाई में डीआरआई के अधिकारियों ने मुंबई के न्हावा शेवा बंदरगाह पर एक आयातित खेप की जांच की, जिसे एलईडी लाइट और फिटिंग्स के रूप में घोषित किया गया था। जांच में उसमें से विभिन्न ब्रांड और फ्लेवर की 9,230 प्रतिबंधित ई-सिगरेट बरामद हुईं। भारत में ई-सिगरेट पर "प्रोहिबिशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट्स एक्ट, 2019" के तहत प्रतिबंध है। जब्त ई-सिगरेट और कवर कार्गो का कुल अनुमानित मूल्य लगभग 3.70 करोड़ रुपये है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि मिजोरम में डीआरआई अधिकारियों ने असम राइफल्स की सहायता से भारत-म्यांमार सीमा के निकट चार संदिग्ध गोदामों की तलाशी ली। वहां से लगभग 14.5 टन विदेशी मूल के पोस्ता (पॉपी) के बीज और 14 टन विदेशी मूल की सुपारी बरामद हुई। इनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 3.6 करोड़ रुपये है। प्रारंभिक जांच से पता चला कि इन वस्तुओं की तस्करी भारत-म्यांमार सीमा के जोखावथर सेक्टर के माध्यम से भारत में की गई थी। इन्हें सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत जब्त किया गया।
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