पटना , मार्च 14 -- बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने शनिवार को राज्य के सभी भूमि सुधार उप समाहर्ताओं (डीसीएलआर)के लिए एक दिवसीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( एआई)आधारित राजस्व कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सभी जिलों से आए भूमि सुधार उप समाहर्ताओं के साथ-साथ डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने भी भाग लिया। इसका उद्देश्य राजस्व प्रशासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना तथा राजस्व संबंधी कार्यों को अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।

कार्यशाला के दौरान विभाग के सचिव गोपाल मीणा और सचिव जय सिंह ने अधिकारियों को राजस्व कार्यों में तकनीक के बढ़ते महत्व के बारे में बताया और कहा कि आधुनिक तकनीक के समुचित उपयोग से न केवल कार्यों की गति बढ़ेगी बल्कि आम नागरिकों को भी समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

कार्यशाला में विशेष रूप से बीएलडीआर एक्ट तथा म्यूटेशन अपील से संबंधित मामलों में समय पर सुनवाई सुनिश्चित करने और उचित तिथि निर्धारित करने के महत्व पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए सुनवाई की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जाए।इस दौरान साइबर एक्सपर्ट ने भी अधिकारियों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों को एआई आधारित सुरक्षित कार्यप्रणाली के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि डिजिटल सिस्टम के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है, जिससे सरकारी डाटा सुरक्षित रहे और कार्यप्रणाली निर्बाध रूप से संचालित हो सके। उन्हें यह भी बताया गया कि कैसे सही की वर्ड के प्रयोग से आप सही और तेज जानकारी प्राप्त कर अपने कार्यों को गति दे सकते हैं।

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