पटना , मई 13 -- बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर राज्यभर में लंबित दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये हैं।

विभाग के सचिव जय सिंह ने इस संबंध में सभी समाहर्ताओं को पत्र भेजकर 120 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों का अगले 15 दिनों के भीतर हर हाल में निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा है।

विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि आम लोगों की सुविधा के लिए दाखिल-खारिज मामलों के निष्पादन की समय-सीमा पहले से निर्धारित है। नियमों के अनुसार अविवादित मामलों के निष्पादन की सीमा 35 दिन तथा विवादित मामलों के लिए 75 दिन तय है। इसके बावजूद विभागीय समीक्षा में यह पाया गया कि राज्य के विभिन्न अंचलों में अनेक मामले 75 दिनों और 120 दिनों से भी अधिक समय से लंबित पड़े हैं।

विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए स्पष्ट किया है कि कार्य के प्रति किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। पत्र के साथ अंचलवार 120 दिनों से अधिक लंबित मामलों की सूची भी जिलों को भेजी गई है, जिससे संबंधित अंचलों में जवाबदेही तय की जा सके।

सचिव श्री सिंह ने सभी समाहर्ताओं को निर्देश दिये हैं कि वे अपने जिले के सभी अंचलाधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी कर लंबित मामलों का निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर कराएं। साथ ही जिला स्तर पर नियमित समीक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी परिस्थिति में दाखिल-खारिज का कोई मामला निर्धारित 75 दिनों की समय-सीमा से अधिक लंबित नहीं रहना चाहिए। राज्य सरकार ने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।

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