जैसलमेर , अक्टूबर 19 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में अकाल की स्थिति की बात करते हुए राज्य सरकार से मांग की है कि वह पानी एवं चारे का प्रबंधन कर गायों के कैम्प खोले और लोगों को मज़दूरी देनी चाहिए।

श्री गहलोत सोमवार को जैसलमेर में आयोजित प्रेस वार्ता में यह मांग करते हुए कहा कि जैसलमेर जिले में स्थिति गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि 25 साल पहले जब वह मुख्यमंत्री थे तब चार अकाल लगातार पड़े थे।

उन्होंने कहा कि सरकार को अभी से ही लोगों को रोज़गार एवं चारे का प्रबंधन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चारा बहुत महंगा हो गया, कई जगह 25 रुपये किलो तक हो गया है। गाय के कैम्प लगाने पड़ेंगे क्योंकि जो बेसहारा पशु हैं उन्हें बचाना है। अभी गायें मरने लग गई हैं, रास्ते में दिख रही हैं। इन हालातों में प्रदेश में जो अकाल पड़ा है, वह बहुत ही भयावह स्थिति है।

श्री गहलोत ने कहा कि अभी मुख्यमंत्री बाड़मेर आए थे और एक करोड़ रुपये मंज़ूर किए तथा जो घोषणा की, वो कोई लागू ही नहीं हुई। स्थिति को देखते हुए चारे का डिपो अभी खुल जाना चाहिए। पीने के पानी के लिए अभी से टैंकर लग जाना चाहिए। लोग अपने खुद के खर्चे से हज़ार-पन्द्रह सौ रुपए देकर टैंकर मंगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का पानी की व्यवस्था, चारे का प्रबंधन एवं गायों के कैम्प खोलने और लोगों को मज़दूरी देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वह अकाल के हालात में सरकार द्वारा लोगों को राहत पहुंचाने के लिए काम शुरु करने के लिए दबाव बनाने के लिए वह प्रदेश के दौरे पर निकले हैं और अभी आवाज उठाई जा रही है ताकि सरकार कुछ करे।

श्री गहलोत ने कहा कि वह अकाल राहत जिलों में अपने दौरे की जैसलमेर से शुरुआत कर रहे हैं जहां संभव होगा वहां जायंगे।

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