जयपुर , फरवरी 20 -- राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र में शुक्रवार को सदन ने सहकारिता विभाग की 25 अरब 07 करोड़ 75 लाख 63 हजार रुपये की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दी।

सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने अनुदान मांगों पर हुई बहस का जवाब देते हुए कहा, "हमारा उद्देश्य गांव से लेकर शहर तक और खेत से लेकर बाजार तक सहकारिता को विकास की मुख्यधारा बनाना है। उन्होंने कहा कि जब सहकारिता की शक्ति, नवाचार की ऊर्जा और युवाओं का उत्साह एक साथ जुड़ेगा तो राजस्थान विकास के नये शिखर पर पहुंचेगा। "उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में लगभग 43 हजार सहकारी समितियां कार्यरत हैं, जिनसे एक करोड़ 35 लाख से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। हमारा प्रयास है कि हर किसान, हर युवा और हर महिला इस अभियान का सहभागी बने। उन्होंने कहा कि 'सहकार से समृद्धि' की पहलों को क्रियान्वित करने में राजस्थान देश में अग्रणी राज्यों में शामिल है। यह गर्व का विषय है कि विगत 17 फरवरी को गुजरात के गांधीनगर में केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित राज्यों के सहकारिता मंत्रियों के सम्मेलन में राज्य में किये गए नवाचारों की प्रशंसा की गई।

उन्होंने कहा कि खाद-बीज, जुताई एवं अन्य कृषि संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक किसानों को 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण वितरित किए जा चुके हैं, जो पूर्ववर्ती सरकार द्वारा दो वर्ष में किये गए ऋण वितरण से दोगुना अधिक है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में भी 25 हजार करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण वितरण का प्रावधान किया है, जिससे प्रदेश के 35 लाख किसान लाभान्वित होंगे।

उन्होंने बताया कि सहकार जीवन सुरक्षा बीमा योजना में किसानों पर पड़ने वाले प्रीमियम भार में लगभग 175 करोड़ रुपये की कमी की गई है। वहीं, बीमा योजनाओं की समीक्षा में पाया गया कि किसानों को मिलने वाले क्लेम की राशि कम्पनियों को दिए जाने वाले बीमा प्रीमियम से काफी कम है। इसलिए राज्य में किसानों से केवल एक प्रतिशत अंशदान लेकर रिस्क फंड बनाया गया है। इस प्रकार, दो वर्ष में किसानों के लगभग 350 करोड़ रुपये बचाये गए हैं।

श्री दक ने कहा कि भूमि विकास बैंकों के ऋणी सदस्यों के लिए राज्य सरकार ने एकमुश्त समझौता योजना लागू की, जिसके अंतर्गत पूर्व में स्वीकृत अवधिपार ऋणों में से लगभग 300 करोड़ रुपये की वसूली हुई। इससे लगभग 10 हजार किसान फिर से मुख्यधारा में आए हैं तथा तथा मृतप्राय हो चुके लगभग 25 प्राथमिक सहकारी बैंक पुनर्जीवित होकर लाभ की स्थिति में आ गए हैं।

उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में दादिया में आयोजित सहकारिता सम्मेलन से सहकारिता क्षेत्र से जुड़े लोगों में ऊर्जा का संचार हुआ। सहकार सदस्यता अभियान के दौरान सहकारी समितियों के लगभग 10 लाख नये सदस्य बनाये गए तथा लगभग 2,000 नवीन पैक्स का गठन किया गया। सहकारिता मंत्री ने बताया कि पैक्स में अनियमितताओं की रोकथाम तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पैक्स कम्प्यूटराइजेशन का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। लगभग 6,700 पैक्स को गो-लाइव किया जा रहा है, जिससे गबन, घोटाले और अनियमितताएं रूकेंगे।

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