जयपुर , जनवरी 29 -- राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को विधायकों ने अपने विधानसभा क्षेत्र की समस्या एवं जनहित के कई मुद्दे उठाये।
शून्यकाल में विधायक अमित चाचान ने स्थगन प्रस्ताव के तहत नोहर फीडर नहर के पुनर्निर्माण करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस नहर से कई गांव जुड़े हुए हैं और वर्तमान में उसकी हालत खराब हैं और इसके पुनर्निर्माण के लिए किसानों ने नोहर में आंदोलन भी किया और संबंधित केन्द्रीय मंत्री ने आश्वासन भी दिया गया था। उन्होंने मांग की कि बजट में नोहर फीडर नहर के पुनर्निर्माण कराने की घोषणा की जानी चाहिए।
इसी तरह नियम 295 के तहत विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने राज्य का वृक्ष खेजड़ी के संरक्षण का मुद्दा उठाते हुए इसकी अंधाधुंध कटाई पर चिंता व्यक्त की और इसके संरक्षण के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की। श्री भाटी ने कहा कि खेजड़ी जनजीवन , जलवायु का आधार है। इस पेड़ को पिछले 15 वर्षो में जोधपुर , जैसलमेर एवं बाड़मेर में अंधाधुंध तरीके से काटा जा रहा है। उन्होंने अमृता देवी सहित 363 लोगों द्वारा खेजड़ी को बचाने के लिए दिए बलिदान को याद करते हुए इसके संरक्षण की मांग की। उन्होंने कहा कि खेजड़ी आज विलुप्त होने के कगार पर है जिसके संरक्षण की जरुरत हैं।
विधायक बालमुकंदाचार्य ने जयपुर शहर में धार्मिक स्थानों पर तेज आवाज में लाउड स्पीकर बजाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि अल सुबह तेज आवाज में लाउड स्पीकर बजाने से छात्रों के पढ़ाई में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है वहीं आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि खास तौर से रमजान के महीने में अतिरिक्त लाउड स्पीकर लगाकर और तेज आवाज में होने से बुजुर्गो को भी खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इन स्पीकरों की आवाज को नियंत्रित करने की मांग की।
इसके अलावा पर्ची के माध्यम से विधायक डा शिखा मील बराला ने चौमू को बीसलपुर योजना से नहीं जोड़े जाने का मामला उठाते हुए कहा कि इससे उनके क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सदन से जल्द ही इस समस्या की ओर ध्यान देने की मांग की।
विधायक धर्मपाल ने भी पर्ची के माध्यम से इंदिरा गांधी नहर से खेतड़ी, झुंझुनूं में कम जलापूर्ति होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि चौधरी कुंभाराम लिफ्ट परियोजना में गत दो महीने से आवंटित जल उपलब्ध नहीं कराने से जल संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने कहा कि मांग की आपूर्ति में आधा जल ही उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के अब केवल नौ दिन का पानी शेष रहा है।
विधायक आदूराम मेघवाल और उदय लाल भड़ाना ने भी पर्ची के माध्यम से अपने -अपने क्षेत्र से संबंधित मामले उठाए।
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