जयपुर , जनवरी 29 -- राजस्थान की सोलहवीं विधानसभा के पंचम एवं बजट सत्र में गुरुवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा शुरु हुई।

विधायक पुष्पेद्र सिंह ने चर्चा की शुरुआत की और राज्यपाल अभिभाषण पर धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार ने अपने अब तक के दो वर्ष के कार्यकाल में जनहित में नीतिगत एवं ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी राम जी योजना को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसमें 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गयी जिससे देश का किसान आर्थिक रुप से मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा बंद नहीं हो रहा है बल्कि बीवी जी राम जी प्रारंभ हो रहा है।

उन्होंने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे अर्थव्यवस्था को संबल मिलेगा।

कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने अभिभाषण चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि अभिभाषण में राज्यपाल से सरकार ने असत्य बातें कहलवाई। उन्होंने कहा कि अभिभाषण में हर घर को बिजली , पानी , रोजगार सहित हर तरह की गारंटी दी गयी जो पूरी तरह असत्य है।

उन्होंने प्रदेश सरकार को पूरी तरह विफल बताया और कहा कि मनरेगा योजना में से महात्मा गांधी का नाम हटाने की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि भाजपा का शीर्ष नेत़ृत्व गोडसे विचारधारा से प्रभावित है और मनरेगा से गांधी का नाम हटाने के लिए उसे राम नाम का सहारा लेना पड़ा।

उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मतदाता सूची में केन्द्रीय नेतृत्व की शह पर फार्म सात बनाए गए और कोटा बूंदी में बीएलओ के फर्जी हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने कहा कि भाजपा मतदाता से मताधिकार छीनने का काम रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इसी के चलते नगर परिषद और नगर पालिका के चुनाव नहीं करा रही है।

श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 1671 मान्यता प्राप्त गौशाला है और प्रदेश सरकार पर इनका करोड़ों रुपये अनुदान बकाया है जिससे पशु भूखे मर रहे है। इस दौरान सत्ता पक्ष के सदस्यों ने श्री शर्मा के बयानों पर आपत्ति जताई। इस दौरान शोर शराबा भी हुआ।

विधायक सुभाष मील ने राज्यपाल के अभिभाषण को लोक कल्याणकारी बताते हुए कहा कि सरकार ने जो भी वादे किए थे उनको पूरा करने के पूरे प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक वर्ष में एक लाख से ज्यादा सरकारी नियुक्तियां दी गयी है। उन्होंने पेपर लीक घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इसके लिए प्रदेश सरकार ने विशेष कार्य बल (एसआईटी) का गठन किया गया है और आरोपियों को जेल भिजवाने का कार्य किया गया है।

उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार में मार्कशीट में गड़बड़ियां हो रही और पेपर माफिया बेखौफ रहा। उन्होंने बीवी जी राम जी का जिक्र करते हुए कहा कि इससे किसानों का आर्थिक सुदृढ़ीकरण होगा और इस योजना में पूरी पारदर्शिता रखी गयी है। उन्होने सरकार को किसान हितैषी बताया एवं कांग्रेस को किसानों के हित के नाम पर ढोंग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इसी तरह चर्चा में भाग लेते हुए विधायक श्रवण कुमार ने प्रदेश सरकार को पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि आज पूरे प्रदेश में अफसरशाही हावी है और मंत्री सत्ता के नशे में चूर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निजी कंपनियों ने लूट मचा रखी है और लोगों के पैसे लूट कर प्रदेश से भागने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष का काम केवल प्रचार , प्रसार पाना है और जनहित के काम नहीं करना है।

अभिभाषण पर चर्चा में विधायक रामकेश मीणा, अर्जुन लाल जीनगर, गुरवीर सिंह, गणेश घोघरा, केसाराम चौधरी सहित अन्य सदस्यों ने भी भाग लिया।

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