अलवर , जुलाई 22 -- राजस्थान में अलवर के सुभाष चौक स्थित प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर से बुधवार की शाम को भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य, ऐतिहासिक और पारंपरिक रथयात्रा राजसी वैभव के साथ निकाली गयी।
शाम करीब सात बजे शुरू हुई इस रथयात्रा में भगवान श्री जगन्नाथ 196 वर्ष पुराने ऐतिहासिक इंद्र विमान पर विराजमान होकर रूपवास के लिए रवाना हुए। रथयात्रा के शुभारंभ पर पुलिस ने भगवान को सलामी दी। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी, मंदिर समिति के पदाधिकारी और हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा 23 जुलाई की तड़के करीब तीन बजे से छह किलोमीटर का सफर तय करके आयोजन स्थल रूपवास पहुंचेगी।
रथयात्रा शुरू होते ही पूरा शहर "जय जगन्नाथ" के जयघोष से गूंज उठा। भगवान के दर्शन करने और रथयात्रा का साक्षी बनने के लिए शहर ही नहीं बल्कि आसपास के गांवों और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। रथ जिस-जिस मार्ग से गुजरा, वहां श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। लोगों ने घरों की छतों, बालकनियों और सड़कों के दोनों ओर खड़े होकर भगवान के दर्शन किये।
इस वर्ष रथयात्रा को विशेष रूप से आकर्षक बनाया गया। भगवान श्री जगन्नाथ को दुबई से आये विशेष वस्त्र पहनाये गये, जबकि 196 वर्ष पुराने इंद्र विमान को जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर भव्य सजावट से अलंकृत किया गया। इंद्र विमान की दूसरी मंजिल पर विराजमान भगवान श्री जगन्नाथ की प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।
मंदिर के महंत पंडित पुष्पेंद्र शर्मा ने बताया कि यह रथयात्रा केवल धार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति का महापर्व है। उन्होंने कहा कि रथयात्रा में शामिल होने वाला प्रत्येक श्रद्धालु स्वयं को भगवान का बाराती मानकर यात्रा में शामिल होता है। यही कारण है कि हर वर्ष हजारों लोग इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनते हैं।
रथयात्रा में हरियाणा का प्रसिद्ध बम रसिया नृत्य विशेष आकर्षण रहा। इसके अलावा पांच शंख वादकों की टोली, 16 सदस्यीय घड़ियाल पार्टी, करतब दिखाते पट्टेबाज, ऊंट-घोड़े, पुलिस बैंड, बैंड-बाजे, ताशा पार्टी, शहनाई वादन और विभिन्न धार्मिक झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। पूरे मार्ग में भक्ति संगीत और जयकारों का वातावरण बना रहा।
रथयात्रा का विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों ने जगह-जगह स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने भगवान पर पुष्प वर्षा की और आरती उतारकर आशीर्वाद प्राप्त किया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए प्याऊ लगाये गये, जहां पेयजल और शरबत की व्यवस्था की गयी। पूरे मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। रथ के चारों ओर सशस्त्र पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन लगातार यात्रा की निगरानी करता रहा।
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