जयपुर , जनवरी 21 -- राजस्थान में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बुधवार को कहा कि हर पात्र व्यक्ति को खाद्य सुरक्षा से जोड़ने के लिए खाद्य सुरक्षा पोर्टल पुन: शुरु करने के बाद एक साल में अब तक लगभग 73 लाख वंचित पात्रों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा जा चुका है जबकि 54.36 लाख से अधिक संपन्न लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा सूची से अपना नाम हटाया है।

श्री गोदरा ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक नवम्बर 2024 को शुरू हुए गिव अप अभियान ने प्रदेशवासियों की त्याग एवं सामाजिक सरोकार की भावना को उजागर किया है। गत 28 फरवरी को अभियान के अवधि समाप्त होने के उपरांत स्वेच्छा से गिव अप नहीं करने वाले अपात्रों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी की जायेगी।

श्री गोदारा ने बताया की प्रदेश में जनसंख्या के अनुपात में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 4.46 करोड़ लाभार्थियों की सीलिंग थी। यह संख्या पूरी हो जाने के कारण खाद्य सुरक्षा सूची में नए पात्र लाभार्थियों के लिए जगह नहीं बन पा रही थी। गिव अभियान के तहत अपात्रों द्वारा स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा छोड़ने एवं करीब 27 लाख एनएफएसए लाभार्थियों द्वारा ई केवाईसी नहीं कराए जाने से 81 लाख वंचित पात्रों के लिए खाद्य सुरक्षा सूची में रिक्तियां बनी। यह संख्या प्रदेश में वर्तमान खाद्य सुरक्षा लाभार्थियों का 18.6 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा गत वर्ष 26 जनवरी को खाद्य सुरक्षा पोर्टल पुन: प्रारंभ किए जाने के बाद अब तक लगभग 73 लाख वंचित पात्रों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने बताया कि हाल में संपन्न 32वीं उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक में देश के गृह मंत्री अमित शाह द्वारा प्रदेश में संचालित गिव अप अभियान को सराहा गया।

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