जयपुर , अगस्त 28 -- राजस्थान में सड़क तंत्र के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया जा रहा है और इसी के तहत राज्य की 309 स्थानीय निकायों में 166 निकायों में स्वीकृत पैच रिपेयर कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 143 निकायों में कार्य प्रगति पर हैं।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार लक्ष्य के अनुसार इन कार्यों में 53.7 प्रतिशत पूर्ण किये जा चुके हैं वहीं शेष कार्यों को पांच सितंबर तक पूर्ण करने की संभावना है। मुख्यमंत्री द्वारा मानसून में सड़कों की स्थिति को लेकर समीक्षा के बाद अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर गड्ढों की त्वरित मरम्मत के लिए निर्देशित किया गया था। जिसके बाद चलाये गये पैच रिपेयर अभियान में कोटा जोन ने शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करते हुए स्वीकृत समस्त 28 स्थानीय निकायों में कार्य पूर्ण कर लिये हैं। इसी प्रकार बीकानेर में 37 में से 35 तथा जयपुर-द्वितीय में 47 में से 43 स्थानीय निकायों में कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं।

मानसून के दौरान सड़कों की स्थिति पर त्वरित कार्रवाई के लिए नियमित गश्त एवं सर्वेक्षण के माध्यम से गड्ढे की पहचान के पश्चात 48 से 72 घंटे के भीतर कोल्ड मिक्स अथवा हॉट मिक्स से मरम्मत सुनिश्चित की जा रही है। वहीं, पैच रिपेयर अभियान को पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए सभी कार्यों की 'सुगम पथ पोर्टल', जीपीएस फोटो एवं डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से निगरानी और सत्यापन किया जा रहा है। इससे चिन्हित स्थान, कार्य तथा उसकी प्रगति का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध हो रहा है। जिसके परिणाम स्वरूप समयबद्ध-गुणवत्तापूर्ण कार्य एवं संबंधित ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जा रही है।

प्रदेश में कुल 2 लाख 12 हजार 556 किलोमीटर का सड़क नेटवर्क है। इसमें राजस्थान राज्य राजमार्ग प्राधिकरण, राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सहित डीएलपी नेटवर्क के अंतर्गत 86 हजार 254 किलोमीटर सड़कें शामिल हैं। प्रदेश में 58 हजार 919 किलोमीटर सड़कें मरम्मत योग्य तथा 55 हजार 340 किलोमीटर सड़कें पेचेबल श्रेणी में हैं। जिनके लिए राज्य सरकार द्वारा अब तक 387 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी कर 175 करोड़ रुपये के कार्य पूर्ण किये जा रहे हैं वहीं शेष स्वीकृत राशि का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में किया जा रहा है।

राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 में नॉन-पेचेबल सड़कों के लिए भी 2 हजार 55 नए कार्य स्वीकृत किये गये हैं। इन कार्यों के तहत चार हजार 529 किलोमीटर सड़क लंबाई को शामिल किया गया है। इनकी कुल अनुमानित लागत एक हजार 262 करोड़ रुपये है तथा कार्यों के लिए निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी हैं।

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