जयपुर , सितम्बर 26 -- राजस्थान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हर घर जल और जल सुरक्षा के संकल्प को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार जल संसाधनों के समुचित उपयोग और पेयजल उपलब्धता को लेकर तेजी से कार्य कर रही है।

आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को बताया कि इसी कड़ी में ईसरदा बांध परियोजना दौसा एवं सवाई माधोपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए जल सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजना के रूप में आकार ले रही है। इससे आने वाले समय में इन क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था की तस्वीर बदल जायेगी।

ईसरदा बांध के पानी को उपचारित कर गांवों और कस्बों तक पहुंचाने वाली ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना अब निर्माण से जलापूर्ति की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गयी है। करीब तीन हजार 588 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में एक हजार 256 गांवों और छह कस्बों को पेयजल नेटवर्क से जोड़ा जाना प्रस्तावित है। परियोजना के तहत तीन लाख छह हजार 198 से अधिक जल कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य है, जिससे करीब 35 लाख आबादी को स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल का लाभ मिलेगा।

सूत्रों ने बताया कि परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में 225 एमएलडी क्षमता के फिल्टर प्लांट का तैयार होना शामिल है। फिलहाल प्लांट की टेस्टिंग और कमिशनिंग का कार्य चल रहा है। ईसरदा बांध स्थित इंटेक वेल से पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंचाया जा चुका है। यानी परियोजना अब उस चरण में प्रवेश कर रही है, जहां बांध का पानी उपचारित होकर विशाल पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से लोगों के घरों तक पहुंचाने की तैयारी है।

परियोजना के प्रथम पैकेज में ईसरदा इंटेक वेल से महुआ तक 341 किलोमीटर मुख्य ट्रांसमिशन पाइपलाइन प्रस्तावित है। इसमें से करीब 299 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। ईसरदा और बगड़ी में स्वच्छ जलाशयों और फिल्टर प्लांट का निर्माण भी पूरा हो चुका है। प्रथम पैकेज पर अब तक करीब एक हजार करोड़ रुपये व्यय किये जा चुके हैं। ईसरदा बांध पर इंटेक वेल एवं पंप हाउस का भवन निर्माण भी पूरा हो चुका है। यह कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा द्वितीय पैकेज के तहत कराया गया है।

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