जयपुर , मार्च 12 -- राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार पर प्रदेश में रसोई एवं वाणिज्यिक गैस संकट एवं गैस सिलेण्डरों की कालाबाजारी रोकने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि उसे श्वेत पत्र जारी कर वास्तविक स्थिति से लोगों को अवगत कराया जाना चाहिए। श्री जूली ने गुरुवार को यहां प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुये यह मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को एक श्वेत पत्र जारी कर सूचना देनी चाहिए कि कितने गैस के सिलेण्डर सरकार के पास है और कितनी मांग है, इसकी जानकारी सार्वजनिक हो। उन्होंने कहा कि यदि कोई कमी नहीं है तो फिर सरकार ने गैस के दाम 60 रुपए बढ़ाकर एवं व्यवसायिक गैस सिलेण्डर की आपूर्ति रोक कर लोगों के बीच चिंता और घबराहट को क्यों शुरू किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के होटल, ढाबे, केंटीन, कपड़ा एवं पर्यटन उद्योग तथा अन्य व्यवसायों पर गैस आपूर्ति की कमी के कारण विपरीत प्रभाव पड़ रहा है और ये बंद होने की कगार पर आ गये हैं।
उन्होंने कहा कि इनके बंद होने से जिनके रोजगार समाप्त होंगे उसके लिये सरकार की क्या कार्य योजना है, इसकी जानकारी सरकार को देनी चाहिये। राज्य सरकार कह रही है कि गैस की आपूर्ति केन्द्र सरकार का काम है, तो ऐसे में डबल इंजन की सरकार होने का क्या औचित्य है, वह दूसरा इंजन कब काम आयेगा। केन्द्र सरकार को राजस्थान की सरकार की मदद डबल इंजन होने के नाते करनी चाहिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लकड़ी और कोयले की 25 प्रतिशत तक मांग बढ़ चुकी है। सिलेण्डरों की कालाबाजारी हो रही है, इन्हें रोकने में सरकार पूर्णतया विफल है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कोरोना काल में आक्सीजन को लेकर प्रदेश के साथ केन्द्र ने दोहरा व्यवहार किया था, उसी प्रकार से अब सौतेला व्यवहार गैस की आपूर्ति के समय किया जा रहा है जिसका पुरजोर विरोध कांग्रेस पार्टी आमजन के बीच जाकर करेगी।
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