जयपुर , अक्टूबर 16 -- राजस्थान में वाणिज्यिक कर विभाग की वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) चोरी एवं अनियमितताओंके विरुद्ध कार्रवाई में करीब 3.15 करोड़ रुपये की संभावित कर अनियमितताएं सामने आई हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कर चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने, राजस्व हितों की सुरक्षा तथा वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) प्रावधानों की अनुपालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा विशेष जांच अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की गयी है। विभागीय अधिकारियों ने प्रदेश के जयपुर, अलवर, कोटा, हनुमानगढ़ एवं दौसा जिलों में विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सर्वे, निरीक्षण एवं तलाशी की कार्रवाई में लगभग तीन करोड़ 15 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितताएं सामने आई हैं।
जांच के दौरान संबंधित करदाताओं द्वारा लगभग दो करोड़ 21 लाख रुपये स्वेच्छा से जमा कराए गए। विभिन्न प्रतिष्ठानों के स्टॉक, लेखा अभिलेखों, खरीद-बिक्री विवरण एवं इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की जांच की गई। आवश्यकतानुसार दस्तावेज जब्त करने के साथ ही संबंधित करदाताओं को समन जारी कर अग्रिम जांच प्रारंभ की गई है।
कोटा में मेसर्स रिद्धि-सिद्धि ऑयल इंडस्ट्रीज में जांच के दौरान करमुक्त आपूर्ति के विरुद्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने संबंधी अनियमितताएं सामने आईं। प्रकरण में लगभग एक करोड़ 60 लाख रुपये की संभावित कर राशि आंकी गई। जांच के दौरान करदाता द्वारा 10 अक्टूबर तक एक करोड़ 21 लाख 38 हजार रुपये स्वेच्छा से जमा कराए गए। संबंधित अभिलेखों की जांच एवं अग्रिम कार्रवाई जारी है।
जयपुर के बगरू स्थित मेसर्स बगरू हस्तकला प्रिंटर्स पर जांच के दौरान कपड़ों की बिक्री पर निर्धारित दर के स्थान पर सभी उत्पादों पर पांच प्रतिशत जीएसटी जमा कराने संबंधी अनियमितता सामने आई। भौतिक स्टॉक एवं पुस्तकीय स्टॉक में अंतर के आधार पर करदाता ने 13 लाख 17 हजार 74 रुपये स्वेच्छा से जमा कराए। प्रकरण में लगभग 15 लाख रुपये की संभावित कर राशि आंकी गई है।
इसी प्रकार सी-स्कीम स्थित गोपाल सिंह पतासी भंडार में कर देयता संबंधी अनियमितताओं की जांच के दौरान लगभग 20 लाख रुपये की संभावित कर राशि सामने आई। प्रतिष्ठान द्वारा तीन लाख 32 हजार रुपये जमा कराए गए।
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