जयपुर , जनवरी 28 -- राजस्थान की सोलहवीं विधानसभा के पंचम एवं बजट सत्र की शुरुआत बुधवार को राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े के अभिभाषण के साथ हुई, जिसमें उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), निवेश, कृषि, रोजगार, ग्रामीण विकास, जल सुरक्षा, ऊर्जा, युवा नीति को राज्य सरकार की प्राथमिकताएं बताते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनायीं।
सत्र की शुरुआत पूर्वाह्न 11 बजे राज्यपाल के अभिभाषण से हुई, जिसमें श्री बागडे ने कहा कि उन्हें यह बताते हुए अत्यंत हर्ष है कि राज्य सरकार ने नवीन युवा नीति और राजस्थान रोजगार नीति के साथ ही वर्ष 2026 में एक लाख सरकारी पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी किया है। इससे प्रदेश के युवाओं में उत्साह का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि एक लाख युवाओं को नियुक्तियां दी जा चुकी है, जबकि एक लाख 54 हजार 547 पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के आयोजन से प्रदेश में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल बना है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने एआई पॉलिसी लागू की है और आने वाले समय में राजस्थान एआई के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनेगा। 'राजस्थान डिजिफेस्ट समिट' के आयोजन से तकनीक और नवाचार के नये आयाम स्थापित हुए हैं, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा में नवाचार किया है और स्कूलों में संस्कारवान शिक्षा दी जा रही है। गरीब और जरूरतमंद बच्चों को निजी स्कूलों में शिक्षा दी जा रही है। 'राइट टू एजुकेशन' के माध्यम से प्रदेश के दो लाख से अधिक बच्चों को निःशुल्क शिक्षा मिल रही है। 482 करोड़ रुपये की राशि से स्कूलों में विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस दी गयी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 303 नशामुक्ति केंद्र स्थापित किये गये हैं। विवेकानंद स्कॉलरशिप योजना के तहत देश-विदेश में पढ़ाई के लिए 454 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों के साथ ही निजी क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के लिए भी सरकार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट में 35 लाख करोड़ के प्रस्ताव आये हैं और इनमें से आठ लाख करोड़ के एमओयू धरातल पर उतरे हैं और प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बना है।
श्री बागडे ने कहा कि प्रवासी राजस्थान दिवस का आयोजन किया गया और राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय प्रवासी राजस्थानी मामले विभाग का गठन किया गया है। राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना चलायी जा रही है।
उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि का दायरा बढ़कर प्रदेश सरकार तीन हजार का अतिरिक्त लाभ दे रही है। श्रीअन्न के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 224 मिलेट आउटलेट्स संचालित किये गये हैं। गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना में गोपालकों को 389 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया है। फसल बीमा योजना में 73 लाख से ज्यादा पॉलिसी जारी कर क्लेम का वितरण किया गया। नौ लाख नये लोग सहकारिता से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि दूध उत्पादन में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर है। तीस जिलों में अतिवृष्टि से गांवों को अभावग्रस्त घोषित कर आदान अनुदान के लिए 950 करोड़ से अधिक की राशि दी गयी हैं। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को 1475 करोड़ का अनुदान एवं सहायता दी गयी है। सरकार किसानों को 2027 तक दिन में बिजली देने के लिए संकल्पित है और अभी 22 जिलों में दो ब्लॉक में किसानों को दिन में बिजली दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि 15 लाख महिलायें लखपति दीदी बनी हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर सप्ताह में पांच दिन दूध दिया जा रहा है और नारी शक्ति प्रोत्साहन में 103 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किये गये हैं। प्रदेश में 41 जिलों में पुलिस थानों पर महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र पर नौ हजार से ज्यादा मामलों में महिलाओं को परामर्श दिया गया। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में 54 लाख सक्षम लोगों ने खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम हटाया है, जबकि 72 लाख से अधिक पात्र लाभार्थियों के नाम जोड़े गये हैं।
उन्होंने कहा कि एक करोड़ 25 लाख लाभार्थियों के साथ सामाजिक सुरक्षा पेंशन में राजस्थान दूसरे स्थान पर है। सरकार 914 छात्रावासों का संचालन कररही है। पालनहार योजना पर 870 करोड़ खर्च हुये हैं। अन्नपूर्णा रसोई में 10 करोड़ 60 लाख लोग लाभान्वित हुये हैं। उन्होंने कहा कि अक्षय ऊर्जा और सौर ऊर्जा में राजस्थान देश में अग्रणी है और प्रदेश में 99 हजार से ज्यादा घरेलू कनेक्शन जारी किये गये हैं। यमुना जल को राजस्थान लाने के लिए डीपीआर अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलयम रिफाइनरी का काम भी अंतिम चरण में है और जल्द ही इसका क्रियान्वयन होगा। सरकार ने पाइप लाइन से गैस आपूर्ति के लिए नई पॉलिसी जारी की है और इससे 53 हजार से ज्यादा घरों को जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि खाटूश्याम मंदिर (सीकर), करणी माता मंदिर (बीकानेर), मालासेरी डूंगरी (भीलवाड़ा) और केशोरायपाटन में 181 करोड़ की लागत से सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। महापुरुषों के पैनोरमा बनाये जा रहे हैं। वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा करायी गयी है। तीस हजार से ज्यादा वरिष्ठ नागरिकों ने ट्रेन से और 390 यात्रियों ने हवाई जहाज से धार्मिक यात्रा की है। हरियालों राजस्थान अभियान में 11 करोड़ 73 लाख से अधिक पौधे लगाये गयेहैं। उन्होंने कहा कि किसान तकनीक से जुड़ रहा है और उन्हें मोबाइल एप से फसल गिरदावरी की सुविधा मिल रही है। अतिवृष्टि से प्रभावित संपत्तियों की मरम्मत के लिए 1058 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 41 जिलों में 266 पुलिस थानों पर महिला सुरक्षा एलाह केन्द्र स्वीकृत किये गये हैं। इनमें 22 हजार 900 से अधिक प्रकरणों में पीड़िताओं को आवश्यक सहायता एवं परामर्श दिया गया है। इसी तरह राजीविका परियोजना के तहत 38 हजार से अधिक गांवों में चार लाख 28 हजार स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। इनसे लगभग 51 लाख ग्रामीण परिवार लाभांवित हो रहे है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 91लाख 73 हजार पेंशनर को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जा रहा हैं।
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