जयपुर , अगस्त 07 -- राजस्थान में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने यूनिसेफ तथा प्रदेश की प्रमुख चिकित्सा संस्थाओं के साथ मिलकर स्तनपान संरक्षण, प्रोत्साहन और समर्थन के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए स्तनपान को जन-आंदोलन बनाने का संकल्प लिया हैं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ की मौजूदगी में शुक्रवार को शासन सचिवालय में यूनीसेफ़ और अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के साथ बैठक हुई जिसमें श्रीमती राठौड़ ने कहा कि नवजात शिशु को स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत देने के लिए स्तनपान सबसे प्रभावी और प्राकृतिक माध्यम है।
इस वर्ष विश्व स्तनपान सप्ताह की थीम "जीवन की सशक्त और स्वस्थ शुरुआत के लिए स्तनपान : कारगर उपायों को सुदृढ़ बनाना" रखी गई है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विश्व स्तनपान सप्ताह-2026 के अवसर पर विभाग ने ने यूनिसेफ तथा प्रदेश की प्रमुख चिकित्सा संस्थाओं के साथ मिलकर स्तनपान संरक्षण, प्रोत्साहन और समर्थन के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की है ।
चिकित्सा विशेषज्ञों ने कहा कि स्तनपान केवल शिशु का पहला आहार नहीं, बल्कि उसके जीवनभर के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण, प्रतिरक्षा क्षमता और मानसिक विकास की मजबूत नींव है। यह कुपोषण, संक्रमण और बाल मृत्यु के जोखिम को कम करने का सबसे सरल, सुरक्षित और किफायती उपाय है। इसलिए प्रत्येक परिवार, स्वास्थ्य संस्थान और समाज की जिम्मेदारी है कि हर माँ को स्तनपान के लिए अनुकूल वातावरण, सही परामर्श और निरंतर सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
इस अवसर पर यूनिसेफ राजस्थान के राज्य प्रमुख एल. के. राव, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के जोनल सचिव डॉ. अनुराग शर्मा, इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अध्यक्ष डॉ. पंकज तोशनीवाल सहित अन्य लोग मौजूद थे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित