आगर-मालवा , जून 16 -- राजस्थान के झालावाड़ जिले के डग थाना में मध्यप्रदेश के आगर-मालवा जिले के दो थाना प्रभारियों समेत करीब 100 ज्ञात और अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। मामला जनवरी 2026 में राजस्थान के ग्राम घाटाखेड़ी में की गई कथित मादक पदार्थ निरोधक कार्रवाई से जुड़ा है।
डग थाना प्रभारी भंवरसिंह के अनुसार चौमहला न्यायालय के आदेश पर आगर-मालवा कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, बड़ौद थाना प्रभारी रूपसिंह राजपूत, उपनिरीक्षक राखी गुर्जर, सहायक उपनिरीक्षक अजय जाट सहित करीब 100 ज्ञात और अज्ञात लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में एफआईआर क्रमांक 154/2026 दर्ज की गई है। मामले में अन्य आरोपियों की पहचान भी की जाएगी।
प्रकरण के अनुसार गत 21 जनवरी 2026 को आगर-मालवा पुलिस ने फैजान नामक युवक को 330 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने कथित रूप से बताया था कि वह यह मादक पदार्थ राजस्थान के झालावाड़ जिले के घाटाखेड़ी गांव के शाहिर, मुनव्वर और ताहिर से लाया था।
तत्कालीन पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह के अनुसार फैजान की निशानदेही पर 28 जनवरी को 80 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम ने घाटाखेड़ी में दबिश देकर बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ तथा ड्रग्स निर्माण में प्रयुक्त सामग्री और मशीनरी बरामद करने का दावा किया था। इस कार्रवाई में शाहिर खान और मुनव्वर उर्फ राजा को गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तार आरोपियों के पिता हमीद खान ने शुरुआत से ही कार्रवाई को फर्जी बताते हुए आरोप लगाया था कि मध्यप्रदेश पुलिस ने स्थानीय राजस्थान पुलिस को सूचना दिए बिना उनके घर में प्रवेश किया, परिजनों के साथ दुर्व्यवहार किया और उनके बेटों को झूठे प्रकरण में फंसाया।
हमीद खान ने 21 फरवरी 2026 को चौमहला न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने उसी दिन झालावाड़ पुलिस अधीक्षक को जांच के निर्देश दिए थे। जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद्र मीणा को सौंपी गई।
जांच के दौरान दबिश में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान लिए गए। जांच रिपोर्ट में तलाशी, गिरफ्तारी और जब्ती से संबंधित कई अभिलेख उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट पर विचार करने के बाद न्यायालय ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।
इसके बाद डग थाने में संबंधित पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपों की जांच कर रिपोर्ट न्यायालय को प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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