जयपुर , जनवरी 10 -- केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की प्रशंसा करते हुए हुए कहा है कि इसने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार का पेपरलीक का सिलसिला खत्म कर राजस्थान को इससे निजात दिलाई है और अब युवाओं को पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ 'बिना सिफारिश और बिना खर्चे' के नौकरी देने का काम कर रही है।

श्री शाह शनिवार को यहां राजस्थान पुलिस अकादमी (आरपीए) में कांस्टेबल नव नियुक्ति समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी राज्य सरकार भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता रखते हुए भ्रष्टाचार का उन्मूलन और योग्यता का सम्मान करते हुए राजस्थान के युवाओं को नौकरी दे रही है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी तरीके से लोकसेवकों की भर्ती करने से ही कोई प्रदेश आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि अच्छी कानून व्यवस्था से ही प्रदेश का विकास संभव है। इसे ध्यान में रखते हुए भजनलाल सरकार ने पेपरलीक पर रोक लगाने के साथ-साथ कानून व्यवस्था को मजबूत बनाया और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान को पूरे देश में निवेश का अग्रणी राज्य बनाने का काम भी किया है। इसी का परिणाम है कि आज देशभर के निवेशक राजस्थान की ओर आने की स्पर्धा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रतिबद्धता एवं पारदर्शिता से शासन चलाने वाली और कानून व्यवस्था संभालने वाली सरकार आने से प्रदेश में क्या फर्क पड़ सकता है यह भजनलाल सरकार ने साबित किया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में हमारी सरकार बनने के बाद दो साल में अपराधों में 14 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। गंभीर अपराधों में 19 प्रतिशत, हत्या में 25 प्रतिशत, हत्या के प्रयास में 19 प्रतिशत, महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों में 10 प्रतिशत, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विरूद्ध अपराधों में 28 प्रतिशत, डकैती के प्रकरणों में 47 प्रतिशत तथा लूट के प्रकरणों में लगभग 51 प्रतिशत की कमी आई है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस बल देश के अग्रणी और सक्षम पुलिस बलों में स्थान रखता है। उन्होंने नव चयनित कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र मिलने की बधाई देते हुए कहा कि जिन युवाओं को आज वर्दी मिली है वे स्थिर चित्त के साथ पूरा ध्यान अपने प्रशिक्षण पर लगाएं और इसके उपरांत अपने काम से जनता की सेवा और सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए सुरक्षित राजस्थान के संकल्प को चरितार्थ करें। उन्होंने चयनित कांस्टेबलों में ढाई हजार से ज्यादा महिलाओं के शामिल होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

श्री शाह ने कहा कि पाकिस्तान से लगती एक हजार किलोमीटर से अधिक लंबी सीमा, चंबल के दुर्गम बीहड़, थार का मरूस्थल, अजमेर में दरगाह शरीफ, पुष्कर, नाथद्वारा, चित्तौड़, उदयपुर, जोधपुर, जयपुर जैसे पर्यटक स्थलों तथा रणथंभौर, सरिस्का, केवलादेव जैसे प्राकृतिक स्थलों वाले इस प्रदेश में भौगोलिक परिस्थिति के कारण पुलिस की चुनौती और बढ़ जाती हैं।

उन्होंने कहा कि दो साल में राजस्थान पुलिस में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन, पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए अभय कमांड सेंटर से 112, सीसीटीएनएस और इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) को एकीकृत करने, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की शुरूआत, एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स के गठन की शुरूआत जैसी कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। इसी क्रम में साइबर अपराधों को रोकने के लिए राजस्थान साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना का अहम कदम उठाया गया है।

श्री शाह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 150 साल पहले बने अंग्रेजों के कानूनों को समाप्त कर भारतीय न्याय संहिता सहित तीन नए कानून लाए गए हैं। ये संहिताएं संविधान द्वारा प्रदत्त शरीर, संपत्ति और सम्मान की रक्षा की गारंटी को सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई हैं। नए कानूनों में तकनीक को अहम स्थान देते हुए आपराधिक न्याय प्रणाली के पांचों स्तंभ पुलिस, अभियोजन, जेल, एफएसएल एवं कोर्ट को ऑनलाईन जोड़ा गया है। नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा करने के लिए इन कानूनों के माध्यम से कई नए प्रावधान किए गए हैं। महिला सुरक्षा एवं बाल सुरक्षा का नया अध्याय भी जोड़ा गया है। आतंकवाद और संगठित अपराध को परिभाषित करने के साथ ही सात वर्ष और इससे अधिक कारावास की सजा वाली दफाओं में एफएसएल जांच को अनिवार्य किया गया है।

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