जयपुर , सितम्बर 14 -- राजस्थान में इस बार नगर निकायों के एक साथ कराए गए चुनाव में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पिछले चुनाव के मुकाबले दोगुने से अधिक निकायों में बोर्ड बनाने की स्थिति में आ गई है।

नगरीय निकाय चुनाव परिणाम के बाद भाजपा ने बताया कि शहरी क्षेत्र की जनता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सुशासन पर मुहर लगाते हुए डबल इंजन में ट्रिपल इंजन भी जोड़ दिया है। 'वन स्टेट-वन इलेक्शन' के तहत राजस्थान के सभी 309 निकायों में भाजपा को पिछली बार से दोगुने से अधिक निकायों में जनादेश मिला है। वर्ष 2020 में जहां नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं में केवल 31 प्रतिशत निकायों में ही भाजपा का बोर्ड था वहीं, इस बार भाजपा 65 प्रतिशत निकायों में स्वयं या निर्दलीयों के समर्थन से बोर्ड बनाने की स्थिति में है, हालांकि यह आंकड़ा 21 सितम्बर को और बढ़ने की सम्भावना है।

एक राज्य एक चुनाव के संकल्प को समर्थन देते हुए जनता ने भाजपा को जीत का तोहफा दिया है। पिछले निकाय चुनाव में जहां 50 प्रतिशत नगर निगमों में भाजपा का बोर्ड था वहीं इस बार 60 प्रतिशत बोर्ड भाजपा अपने स्तर एवं 80 से 90 प्रतिशत निर्दलीयों के समर्थन के साथ बोर्ड बनाने की स्थिति में है। इसके अलावा 27 प्रतिशत नगर परिषदों से आगे बढ़ते हुए भाजपा इस बार 42 प्रतिशत बोर्ड अपने स्तर पर एवं 83 प्रतिशत निर्दलीयों के समर्थन के साथ बनाने की स्थिति में है। वहीं 31 प्रतिशत नगर पालिकाओं में बढ़ोतरी करते हुए भाजपा इस बार 60 प्रतिशत से अधिक बोर्ड अपने स्तर पर बनाने जा रही है।

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