जयपुर , सितम्बर 02 -- राजस्थान में संचालित 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत असुरक्षित खाद्य पदार्थों पर राज्यभर में रोक लगा दी गयी और नौ खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किये गये जबकि बिना लाइसेंस कारोबार करने वाले तीन प्रतिष्ठानों के रजिस्ट्रेशन निरस्त किया गया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के तहत गत अगस्त महीने में विभिन्न जिलों से लिए गये खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच में पांच पैकेज्ड खाद्य उत्पाद असुरक्षित पाये गये। इन खाद्य पदार्थों के वितरण, बिक्री और प्रदर्शन पर पूरे प्रदेश में आगामी दो माह के लिए रोक लगा दी गयी है।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार नमूने लेकर उनकी जांच करायी जा रही है और राज्य जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला की जांच में नंदी ब्रांड का गाय का घी, निर्माता दिशा एंटरप्राइजेज, बालोतरा, रतवाड़ी टी (गोल्डन थार) ब्रांड की चाय, निर्माता श्री सांवरिया इंडस्ट्रीज, रीको, बाड़मेर, जी.एस. गोल्ड ब्रांड की लाल मिर्च पाउडर, निर्माता हिमाया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, हाजिल्का, पंजाब, के.डी.पी. डेयरी- कृष्णा ब्रांड का घी, निर्माता के.डी.पी. फूड इंडस्ट्री, सरनाथ इंडस्ट्रियल एरिया, उत्तर-पश्चिम दिल्ली, और डी.के. 160326 तथा के.डी.पी. डेयरी-सारस ब्रांड का घी असुरक्षित पाया गया।
इसी तरह असुरक्षित खाद्य पदार्थों के नमूने पाये जाने पर नौ खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किये गये हैं। इनमें बाड़मेर के बाखासर स्थित एम/एस हार्दिक ट्रेडर्स का मिर्च पाउडर, चूरू के चाय वाला प्रतिष्ठान की तैयार चाय, बीकानेर के रानी बाजार स्थित शर्मा सेल्स एजेंसीज का फ्राइड मटर, अजमेर के माकड़वाली स्थित श्री सवाई भोज मिल्क डेयरी और स्टीफन स्कूल चौराहा स्थित इंडिया मिल्क डेयरी का दूध, अजमेर के वैशाली नगर स्थित एम.एस.के. रेजिडेंट का माउथ फ्रेशनर/सौंफ, टोंक के टोडारायसिंह स्थित बजाली मिल्क डेयरी और देवली स्थित श्रीजी मिल्क डेयरी का घी तथा बाड़मेर स्थित श्री सांवरिया इंडस्ट्रीज की चाय शामिल है।
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