जयपुर , जून 04 -- राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने प्रदेश में मांग के अनुरूप पर्याप्त बिजली की उपलब्धता बताते हुए कहा है कि राज्य सरकार बिजली का लगातार बेहतर प्रबंधन कर रही है और स्वयं के स्रोतों से उत्पादन बढ़ा है, जिससे एनर्जी एक्सचेंज पर निर्भरता कम हो रही है वहीं पिछले दो साल से बिजली की कोई कटौती (लोड शैडिंग) नहीं हुई हैं।
श्री नागर गुरुवार को विद्युत भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से ऊर्जा विभाग की गतिविधियों एवं योजनाओं पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान एनर्जी सरप्लस स्टेट बनने की ओर अग्रसर है।
उन्होंने बताया कि गर्मी की डिमांड को पूरा करने के लिए गत वर्ष अप्रैल में 2883 लाख यूनिट तथा मई में 8,273 लाख यूनिट बिजली एनर्जी एक्सचेंज से खरीदी गई थी जबकि इस वर्ष अप्रैल में मात्र 214 लाख यूनिट तथा मई में मात्र 2804 लाख यूनिट बिजली ही खरीदी गई। इस वर्ष दोनों महीनों में कुल 8138 लाख यूनिट बिजली कम खरीदी गई और स्वयं के स्रोतां से उपलब्धता बढ़ाई गई।
श्री नागर ने कहा कि हम एनर्जी एक्सचेंज को बिजली बेच भी रहे हैं। इस वर्ष अप्रैल में 1140 लाख यूनिट तथा मई में 417 लाख यूनिट बिजली लगभग 10 रुपए प्रति यूनिट की दर से बेची भी गई है।
उन्होंने बताया कि कुसुम-2.0 में भारत सरकार ने राजस्थान को 6 हजार मेगावाट सोलर पावर क्षमता आवंटित करने के लिए आश्वस्त किया है। इसमें बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी सौर ऊर्जा संयंत्र के साथ लगाया जाएगा। स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से प्रदेश की पीक डिमांड को पूरा करने में यह उपयोगी साबित होगी।
उन्होंने बताया कि बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित करने की दिशा में राजस्थान तेजी से अग्रसर है। पूगल के निर्माणाधीन सोलर पार्क में 2450 मेगावाट सोलर के साथ 6 हजार मेगावाट ऑवर की बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने की निविदा प्रक्रिया में है। वहीं उत्पादन निगम द्वारा कुल 6 हजार मेगावाट ऑवर की बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाएं चरणबद्ध रूप से विकसित की जा रही हैं। जिन्हें सितम्बर, 2027 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है।
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