जयपुर , अगस्त 31 -- राजस्थान में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करने और कर अपवंचन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा लगातार की जा रही सघन सर्वे एवं सर्च कार्रवाई में जयपुर, जोधपुर एवं बाड़मेर में तीन प्रतिष्ठानों में लगभग 55.33 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आयी हैं।

विभाग के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह संभावित कर देनदारी उजागर हुई है। इनमें से 25.61 लाख रूपए की राशि स्वैच्छिक रूप से जमा करायी गयी है।

आयुष व्हील्स इंडिया जयपुरपर सर्वे कार्रवाई की गयी। विभाग को फील्ड सूचना के आधार पर प्रतिष्ठान के एक अतिरिक्त व्यवसाय स्थल के लंबे समय से सक्रिय होने तथा हाल में उसे जीएसटी पोर्टल पर नये व्यवसाय स्थल के रूप में जोड़ने के लिए आवेदन किए जाने की जानकारी मिली थी। प्रारंभिक जांच में बिक्री को छिपाए जाने की आशंका सामने आयी। कार्रवाई के दौरान फर्म के प्रोपराइटर का बयान दर्ज किया गया तथा बिक्री एवं खरीद से संबंधित बिल, स्टॉक सारांश सहित उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच की गयी। मामले में लगभग 11.93 लाख रूपए की संभावित कर देनदारी सामने आयी, जिसमें से 10 लाख रूपए की राशि स्वैच्छिक रूप से जमा करायी गयी है। शेष दस्तावेजों एवं अभिलेखों की जांच के लिए आगे की कार्रवाई जारी है।

बाड़मेर जिले के सेड़वा क्षेत्र में चामुंडा कंस्ट्रक्शन कंपनी के विरुद्ध सर्वे कार्रवाई की गयी। फर्म सड़क निर्माण एवं भवन निर्माण जैसे सेवा क्षेत्र में कार्यरत है। प्रारंभिक जांच में ऐसे करदाताओं से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लिए जाने की जानकारी सामने आयी, जिनका पंजीयन प्रारंभ से ही निरस्त था अथवा निरस्त किया जा चुका था।

कार्रवाई के दौरान क्षेत्रीय प्रबंधक का बयान दर्ज किया गया तथा पंचनामा तैयार किया गया। प्रारंभिक स्तर पर 28.40 लाख रूपए की संभावित देनदारी सामने आयी है। इसमें से 15.61 लाख रूपए की राशि स्वैच्छिक रूप से जमा करायी गयी। शेष अभिलेखों की जांच एवं आगे की कार्रवाई जारी है।

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