जयपुर , जुलाई 14 -- राजस्थान में जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत ग्रामीण परिवारों में जल से नल कनेक्शन की संख्या बढ़कर 63.61 लाख पहुंच गयी है।
राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास द्वारा मंगलवार को शासन सचिवालय में जेजेएम कार्यों की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गयी। बैठक में बताया गया कि राज्य के 107.74 लाख ग्रामीण परिवारों में से वर्ष 2019 में जहां केवल 11 प्रतिशत परिवारों के पास नल कनेक्शन थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 63.61 लाख (59 प्रतिशत) हो गयी है। मिशन के तहत 51.87 लाख घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। साथ ही 12,095 गांव हर घर जल घोषित तथा 6,138 गांवों का हर घर जल प्रमाणीकरण किया जा चुका है। इस दौरान श्री श्रीनिवास ने जेजेएम के सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने सुजलम भारत आईडी सृजन, हर घर जल रिपोर्टिंग एवं प्रमाणीकरण, जल सेवा आंकलन तथा भौतिक रूप से पूर्ण योजनाओं के वित्तीय समापन में प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि नयी दिल्ली में गत 10 जुलाई को राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के साथ हुई समीक्षा बैठक में लिये गये निर्णयों की समयबद्ध अनुपालना सुनिश्चित की जाये। साथ ही राज्य एपेक्स कमेटी के माध्यम से सभी लंबित प्रस्ताव निर्धारित समय-सीमा में भारत सरकार को भेजे जायें। उन्होंने निर्देश दिये कि मिशन अवधि के भीतर सभी परियोजनाएं पूर्ण करने की कार्ययोजना पर प्रभावी अमल किया जाये।
समीक्षा के दौरान जल अर्पण कार्यक्रम के आयोजन को लेकर विशेष चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि भौतिक रूप से पूर्ण हो चुकी लगभग 2500 पेयजल योजनाओं का जल अर्पण कार्यक्रम के माध्यम से समारोहपूर्वक ग्राम पंचायतों एवं स्थानीय समुदाय को हस्तांतरण किया जाएगा ।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में जनभागीदारी के साथ विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर जल स्रोतों एवं जल संरचनाओं का स्वामित्व ग्राम पंचायतों को सौंपा जाएगा। उन्होंने जल अर्पण कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ने भौतिक रूप से पूर्ण योजनाओं के शीघ्र वित्तीय समापन के निर्देश देते हुए कहा कि अभियंता स्तर पर सभी माप पुस्तिकाएं, एज-बिल्ट ड्रॉइंग, अंतिम बिल एवं भुगतान की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर योजनाओं को आईएमआईएस पर क्लोज किया जाये।
अंतर्विभागीय समन्वय की समीक्षा करते हुए श्री श्रीनिवास ने कहा कि ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन एवं संधारण में पंचायती राज विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने नल जल मित्रों एवं आरपीएल कार्मिकों के नामांकन, उनके प्रशिक्षण तथा ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को सशक्त बनाने की कार्यवाही में गति बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही संशोधित ओ एंड एम नीति पर पंचायती राज विभाग एवं वित्त विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि सभी जिलों में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की नियमित बैठकें आयोजित कर योजनाओं की सतत समीक्षा की जाये तथा हर घर जल प्रमाणीकरण, सुजलम भारत आईडी एवं जल अर्पण कार्यक्रम की प्रगति की व्यक्तिगत मॉनिटरिंग जिला कलेक्टरों द्वारा की जाये।
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