जयपुर , फरवरी 25 -- राजस्थान विधानसभा में मंगलवार रात ऊर्जा विभाग की दो खरब 63 अरब 55 करोड़ 58 लाख 41 हजार रुपए की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दी गई।

इससे पहले ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने अनुदान मांग पर बहस का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने गत दो वर्ष में योजनाबद्ध रूप से प्रदेश के विद्युत तंत्र को मजबूती दी है और हमारी सरकार वर्ष-2027 तक किसानों को दिन में बिजली देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के इस संकल्प की क्रियान्विति के मद्देनजर ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित 33 केवी के पांच हजार 565 सब स्टेशनों में से 4 हजार 115 सब स्टेशनों में दिन के दो ब्लॉक में विद्युत आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि शेष 1450 सब-स्टेशनों में दिन में विद्युत आपूर्ति के लिए विद्युत तंत्र को सुदृढ़ किया जा रहा है।

श्री नागर ने कहा कि राजस्थान आज अक्षय ऊर्जा एवं सौर ऊर्जा में देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। हमारी स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता 43.8 गीगावाट तक पहुंच गई है। मात्र दो साल में अक्षय ऊर्जा क्षमता में 20,017 मेगावाट की बढ़ोतरी हुई है। गत दो वर्ष में सौर ऊर्जा में लगभग 19,913 मेगावाट की बढ़ोतरी हुई है। देश की कुल सौर ऊर्जा क्षमता में हमारी भागीदारी लगभग 27 प्रतिशत और अक्षय ऊर्जा में 16 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बिजली की कुल औसत खरीद दर में कमी की है। पूर्ववर्ती सरकार के समय यह 5 रुपए 7 पैसे प्रति यूनिट रही है। इसमें हमने 22 पैसे प्रति यूनिट की कमी की है। हमारे समय में यह औसत दर 4 रुपए 85 पैसे प्रति यूनिट है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के प्रयासों का परिणाम है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में वितरण हानियां 17.10 प्रतिशत थी जो वित्त वर्ष 2024-25 में घटकर 14.30 प्रतिशत तक आ गई। इस दौरान एटीएंडसी लॉसेज 21.81 प्रतिशत से घटकर 15.27 प्रतिशत तक आ गए हैं। गत सरकार के समय वर्ष 2022-23 में 20 पैसे एवं 2023-24 में 31 पैसे प्रति यूनिट का नुकसान (एसीएस- एआरआर गैप) था, जो अब हमारे कार्यकाल के वर्ष 2024-25 में 4 पैसे प्रति यूनिट के लाभ में परिवर्तित हो गया है।

श्री नागर ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रसारण तंत्र को सुदृढ़ करने पर पूरा ध्यान दिया है। गत सरकार ने पूरे 5 वर्ष में 400 केवी, 220 केवी और 132 केवी के कुल 44 ग्रिड सब स्टेशन ही स्थापित किए थे। इसके विपरीत हमने दो साल में ही 53 ग्रिड सब स्टेशन स्थापित कर दिये। इसके अलावा 33 केवी के 396 जीएसएस भी स्थापित किए हैं। इसी प्रकार पूर्ववर्ती सरकार ने राज्य के उपयोग के लिए सभी स्रोतों से 5 वर्ष में मात्र 3958 मेगावाट क्षमता की बढ़ोतरी की, जबकि हमारी सरकार ने दो साल में ही 8413 मेगावाट अर्थात दोगुनी उत्पादन क्षमता जोड़ी है।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पीएम कुसुम योजना में 3035 मेगावाट की 1340 विकेन्द्रित परियोजनाएं स्थापित की हैं। कुसुम कम्पोनेंट-ए में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है और कुसुम-सी में दूसरे स्थान पर है। हमारी सरकार के समय में दिसम्बर 2025 तक कुसुम संयंत्रों से 2,682 मिलियन यूनिट बिजली औसत 3 रुपए 21 पैसे प्रति यूनिट की दर से खरीदी गई, जिससे डिस्कॉम्स को लगभग 440 करोड़ रुपए की बचत हुई है।

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