जयपुर , अप्रैल 15 -- राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने राज्य में खरीफ-2026 के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बताते हुए कहा है कि किसानों को इस बारे में कोई परेशानी नहीं होने दी जायेगी तथा अनियमितता पाये जाने पर संबंधित उर्वरक विक्रेताओं को बख्शा भी नहीं जायेगा।
डॉ. मीणा ने राज्य में उर्वरकों की उपलब्धता के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कृषि विभाग द्वारा खरीफ 2026 में मांग अनुसार उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उर्वरकों की कालाबाजारी, डायवर्जन एवं जमाखोरी को रोकने के लिए विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रदेश भर में जिला ,उपखण्ड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर उर्वरक विक्रेताओं, यूरिया के गैर कृषि कार्य में उपयोग करने वाली उत्पादन ईकाईयों यथा प्लाईवुड, रेजिन, डेफ, पशु आहार के परिसरों में सघन निरीक्षण किया जा रहा है एवं अनियमितता पाये जाने पर सख्त कार्यवाही की जा रही है।
उन्होंने बताया कि राज्य में गत 13 अप्रैल को सहकारी एवं निजी क्षेत्र में तीन लाख 84 हजार टन यूरिया, 71 हजार टन डीएपी, 67 हजार टन एनपीके एवं दो लाख 13 हजार टन एसएसपी उर्वरकों का स्टॉक उपलब्ध है एवं आपूर्ति निरन्तर जारी है। उन्होंने बताया कि किसानों को किसी भी प्रकार से चिंतित होने की आवश्यकता नही है, राज्य सरकार द्वारा उर्वरकों की उपलब्धता में कोई कमी नही आने दी जायेगी। गत वर्षो एवं अन्य राज्यों की तुलना में इस वर्ष अधिक मात्रा में समस्त प्रकार के उर्वरकों की उपलब्धता है।
डॉ मीणा ने कहा कि विभाग द्वारा यूरिया के डायवर्जन, काला बाजारी एवं जमाखोरी को रोकने के लिए गुण नियंत्रण अभियान गत 29 मार्च से चलाया जा रहा है तथा 11 अप्रैल से विशेष अभियान चलाया जाकर पूरे प्रदेश में उर्वरकों के विक्रय, अवैध भण्डारण, कालाबाजारी एवं अनुदानित यूरिया के दुरुपयोग को रोकने के लिये औचक निरीक्षण कर छापेमारी की कार्रवाई की गई है।
कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल के नेतृत्व में 11 अप्रैल को उर्वरक विक्रेताओं एवं कालाडेरा औद्योगिक क्षैत्र में संचालित प्लाईवुड निर्माण ईकाईयों पर यूरिया के दुरुपयोग की आशंका के मध्यनजर छापेमारी की गई। विभाग द्वारा उस अवधि में 2793 निरीक्षण कर अनियमितता करने वाले विक्रेताओं के विरुद्व 437 उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओं नोटिस जारी किये, 23 विक्रेताओं के उर्वरक विक्रय पर रोक लगाई गई, 38 उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र निलम्बित किये जाकर प्राथमिकी के लिए एक शिकायत दर्ज कराई गई है एवं उर्वरक निरीक्षकों द्वारा निरन्तर कार्यवाही जारी है।
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