अलवर , जुलाई 03 -- राजस्थान में सबसे सुरक्षित समझी जाने वाली अजमेर जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या की घटना को विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कानून व्यवस्था की बड़ी विफलता बताया है और कहा है कि राज्य में कानून व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गयी है।
श्री जूली ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद जेल मंत्री भी हैं, इसके बावजूद जेलों की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि जेल से मुख्यमंत्री को कई बार धमकियां मिल चुकी हैं। इसके अलावा जिला कलेक्टरों, राजस्थान विधानसभा और अन्य सरकारी संस्थानों को भी जेल से बम से उड़ाने की धमकियां दी गयीं, लेकिन अब तक किसी भी मामले की तह तक सरकार नहीं पहुंच सकी।
श्री जूली ने कहा कि राजस्थान की जेलें और पुलिस थाने अब सुरक्षित नहीं रह गये हैं। उन्होंने दावा किया कि पुलिस हिरासत में सबसे अधिक मौतें राजस्थान में हुई हैं, जो राज्य की कानून व्यवस्था पर सबसे बड़ा धब्बा है। अजमेर की अति सुरक्षित जेल का उल्लेख करते हुए श्री जूली ने कहा कि यहां राज्य के सबसे खतरनाक अपराधियों को रखा जाता है। ऐसे में जेल के भीतर ही जगन गुर्जर की हत्या होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा चुनौतीपूर्ण मामला बताया। मुख्यमंत्री पर राजनीतिक हमला बोलते हुए श्री जूली ने कहा कि भजनलाल शर्मा अपनी कुर्सी बचाने के लिए दिल्ली दरबार में हाजिरी लगाने में व्यस्त रहते हैं, जबकि उन्हें राजस्थान की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास गृह विभाग संभालने का समय नहीं है, तो किसी अन्य विधायक को गृह मंत्री बना देना चाहिए, ताकि राज्य में कानून-व्यवस्था में सुधार हो सके।
श्री जूली ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर में भी अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और वहां की कानून-व्यवस्था सबसे अधिक प्रभावित है। उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक गतिविधियों के बजाय राज्य की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।
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