जयपुर , अगस्त 01 -- राजस्थान में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल ने कहा है कि नीट यूजी काउंसलिंग-2026 के लिए राज्य के सभी मेडिकल संस्थान मेडिकल काउंसलिंग कमेटी , राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग तथा राज्य काउंसलिंग प्लेटफॉर्म की ओर से लागू किये गये नवीन प्रावधानों का पूरी गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

श्री गोयल शनिवार को नीट यूजी काउंसलिंग-2026 को पूर्णतः पारदर्शी त्रुटिरहित एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से राज्य के सभी राजकीय एवं निजी मेडिकल तथा डेंटल कॉलेजों के नोडल अधिकारियों एवं संस्थान प्रमुखों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी भाग लेने वाले मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों में एक नोडल अधिकारी के साथ दो पृथक सत्यापन अधिकारियों-एक ऑनलाइन एवं एक फिजिकल दस्तावेज सत्यापन के लिए नियुक्त करना अनिवार्य किया गया है।

आयुक्त ने कहा कि ऑनलाइन सत्यापन निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना होगा। विलंब होने पर संबंधित सीट स्वतः निरस्त हो सकती है। उन्होंने इसके साथ ही प्रवेश शुल्क की जानकारी पोर्टल पर तत्काल अपडेट करने तथा नियमानुसार सीट त्याग की प्रक्रिया भी समयबद्ध रूप से पूरी करने के निर्देश दिये गये हैं।

उन्होंने राज्य स्तरीय हेल्पडेस्क, कॉल सेंटर, ई-मेल सहायता प्रणाली, सोशल मीडिया सेल तथा हिंदी एवं अंग्रेजी में चरणबद्ध मार्गदर्शिका वीडियो उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये। साथ ही काउंसलिंग अवधि के दौरान कॉलेज रिपोर्टिंग कार्यालयों एवं हेल्पलाइन सेवाओं को अवकाश के दिनों सहित निर्बाध रूप से संचालित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करे।

बैठक में बताया गया कि इस वर्ष काउंसलिंग प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किये गये हैं। 'फ्रीज' विकल्प चुनने वाले अभ्यर्थियों को आवंटित कॉलेज में जाकर मूल दस्तावेजों का सत्यापन एवं प्रवेश शुल्क जमा कराना होगा, जबकि 'फ्लोट' विकल्प चुनने वाले अभ्यर्थियों को अगले चरण में सीट उन्नयन के लिए 100 प्रतिशत ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन की सुविधा मिलेगी। ऐसे विद्यार्थियों को तीसरे चरण अथवा अंतिम आवंटन तक कॉलेज में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने या मूल दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी।

राज्य काउंसलिंग बोर्ड एवं नीट कोर कमेटी राज्य राउंड-दो के बाद प्रवेश प्राप्त अभ्यर्थियों की सत्यापित सूची तत्काल अपलोड करेंगे। इससे विभिन्न राज्यों एवं ऑल इंडिया कोटा में सीट ब्लॉकिंग की समस्या समाप्त होगी तथा रिक्त सीटें पुनः काउंसलिंग पूल में उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे अधिक मेरिट वाले अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा।

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