जयपुर , सितम्बर 19 -- राजस्थान में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी )एवं वैट अनियमितताओं पर वाणिज्यिक कर विभाग की बड़ी कार्रवाई के दौरान करीब 5.55 करोड़ रूपए की संभावित कर देनदारी सामने आयी जबकि संबंधित करदाताओं द्वारा अब तक 1.49 करोड़ रूपए से अधिक की राशि नकद भुगतान अथवा इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) रिवर्सल के रूप में स्वेच्छा से जमा की गयी है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा कर अपवंचन, कर देनदारी के कम भुगतान, अपात्र आईटीसी के उपयोग तथा रिटर्न में विसंगतियों के विरुद्ध चलाये जा रहे विशेष अभियान के तहत प्रदेश में विभिन्न प्रतिष्ठानों पर सर्वे एवं निरीक्षण की कार्रवाई की गयी। कई मामलों में दस्तावेज एवं डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किये गये तथा आगे की जांच के लिए समन भी जारी किये गये हैं।

जयपुर के वैशाली नगर स्थित गुड्डु होस्पिटलिटी प्रा लि में 16 सितम्बर को निरीक्षण किया गया। जांच में गत फरवरी से वर्तमान अवधि तक जीएसटी देनदारी का भुगतान नहीं किये जाने की स्थिति सामने आयी। लगभग 20 लाख रूपए की संभावित देनदारी के विरुद्ध करदाता ने 10 लाख रुपए सीजीएसटी एवं एसजीएसटी के रूप में पांच-पांच लाख रुपए नकद जमा किये। पुस्तकों, खरीद बिलों एवं अन्य अभिलेखों की विस्तृत जांच जारी है।

इसी प्रतिष्ठान से संबंधित वेट जांच में पंजीयन 17 सितम्बर से वर्तमान अवधि तक वेट रिटर्न दाखिल नहीं किये जाने तथा कर देनदारी जमा नहीं किये जाने की स्थिति सामने आयी। लगभग 30 लाख रूपए की संभावित वेट देनदारी के विरुद्ध करदाता ने 10 लाख रूपये ई-चालान के माध्यम से नकद जमा किये। शेष देनदारी की गणना के अनुसार भुगतान किए जाने की बात कही गई है तथा वेट-14 नोटिस जारी किया गया है।

चोड़ा रास्ता स्थित सम्राट के दोनों प्रतिष्ठानों की जांच में जीएसटी पोर्टल पर एक प्रतिशत की दर से कर जमा किये जाने की जानकारी सामने आयी जबकि विभागीय जांच के अनुसार संबंधित रेस्टोरेंट सेवाओं पर लागू कर दर पांच प्रतिशत होने की स्थिति में विस्तृत सत्यापन आवश्यक पाया गया। दोनों मामलों में लगभग 10-10 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी का आकलन किया गया है। साथ ही कारोबार, टर्नओवर को कम दर्शाये जाने की आशंका के मद्देनजर अभिलेखों की विस्तृत जांच की जा रही है।

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