जोधपुर , जून 25 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की वर्तमान सरकार को मुखौटा करार देते हुए गुरुवार को कहा कि शासन तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) वाले कर रहे हैं।
श्री गहलोत ने आज यहां पत्रकारों से कहा कि उन्हें लगता है कि राजस्थान में आजकल जो लोग शासन कर रहे हैं , वे मुखौटे बने हुए हैं। शासन आरएसएस वाले कर रहे हैं। ट्रांसफर, पोस्टिंग, भ्रष्टाचार सब वहीं से निर्देश आते हैं। उन्होंने प्रदेश के हालात को बड़ा गंभीर बताते हुए दावा किया कि यहां की जनता जागरुक हैं और इस बार इनकी ऐसी स्थिति बनेगी कि ये कुछ भी कर लें, ये मुख्यमंत्री बदल देंगे ना, तब भी कुछ नहीं होने वाला है, अगली बार सरकार बदल के रहेगी।
उन्होंने कहा कि राजनीति में झूठे आरोप नहीं लगाए जाते हैं। अगर आपके पास तथ्य है, तो उस पर बात करो। श्री किरोड़ी मीणा जब सरकार में नहीं थे, तब भी वो लगातार आरोप लगाते थे। उनकी जो प्रकृति में है कि वो, आंदोलन करते रहते हैं लगातार, उनको 15-20 साल से देखा जा रहा। तो एक अलग किस्म का प्राणी हैं वो। उन्होंने कहा कि वह पहले भी आरोप लगाते थे अब भी लगा रहे हैं, अनावश्यक है। पार्टी के जो अध्यक्ष होते हैं उनकी एक अलग प्रतिष्ठा होती है। उस पर आप बार-बार चोट कर रहे हो। आरोप लगा रहे हो बिना तथ्यों के। तो बताइए कि पार्टी में रिएक्शन होगा हमारी पार्टी में रिएक्शन है।
उन्होंने कहा कि श्री डोटासरा को खुद को लगता है कि यह क्या आरोप लगा रहा है वो भी बिना तथ्यों के। हम सब को लगता है। यह तो श्री किरोड़ी मीणा को खुद को सोचना चाहिए कि वो क्या, किस प्रकार की उनकी अप्रोच है काम करने की है। छापे डाल रहे हैं और छापे के साथ जो जाते हैं लोग उनके, वसूली करते हैं वो। ये तो साबित हो गया है। जब साबित हो गया है तो कहते हैं कि एसीबी भी दबाव में काम कर रही है।
श्री गहलोत ने कहा कि बताया जा रहा है कि एसीबी की स्थिति बहुत भयानक खराब है और दबाव में काम हो रहे हैं। मुख्यमंत्री को ऑबलाइज करने के लिए फैसले हो रहे हैं। आईओ कह रहा है ये मुल्जिम नहीं बनता हमारा और ऊपर से कहते हैं डीजी साहब और जो दबाव आता है उनके ऊपर, नहीं इनको गिरफ्तार करो। ऐसा आज तक कभी देखा नहीं गया। तीन-तीन बार हम भी मुख्यमंत्री रहे हैं। एसीबी में कोई पंचायत नहीं करनी चाहिए किसी को भी।
उन्होंने कहा कि आईओ कह रहा है कि यह गिरफ्तार नहीं हो सकता है क्योंकि इसमें कोई मामला नहीं बनता। लेकिन दबाव के कारण गिरफ्तार भी हुए हैं जिनमें महेश जोशी भी हैं। उन्होंने कहा कि आईओ ने मना किया कि महेश जोशी पहले ही वैसे ही इस मामले गिरफ्तार हो चुके थे। यहां वापस गिरफ्तार कर लिया गया। क्या मुख्यमंत्री को दिखता नहीं है कि यह क्या हो रहा है। उनका खुद का नाम आता है कि दबाव आता है। शायद आरएसएस वालों का आता होगा।
श्री गहलोत ने कहा कि आरएसएस के दबाव होने के बाद में मुख्यमंत्री हथियार डाल देते हैं। शासन आरएसएस कर रहा है जबकि ये तो बय मुखौटे हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित