जयपुर , अक्टूबर 28 -- राजस्थान में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) कार्यक्रम-2027 के तहत 12 नवंबर को प्रारूप मतदाता सूचियों का प्रकाशन होगा और 11 दिसंबर तक दावे एवं आपत्तियां दर्ज करायी जा सकेंगी, जबकि अगले वर्ष चार जनवरी को मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया जायेगा।
निर्वाचन आयोग ने अर्हता तिथि आगामी एक जनवरी के संदर्भ में राजस्थान में मतदाता सूचियों के एसएसआर का कार्यक्रम निर्धारित किया है। इस संबंध में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने प्रदेश के समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
श्री महाजन ने बताया कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य सभी पात्र नागरिकों का मतदाता सूची में पंजीकरण सुनिश्चित करना, मतदाता सूचियों की प्रविष्टियों को अद्यतन करना तथा मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित एवं अपात्र व्यक्तियों के नाम नियमानुसार हटाकर मतदाता सूचियों को अधिक शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाना है।
निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम में मतदान केंद्रों के पुनर्निर्धारण से शिथिलता प्राप्त होने से अब केवल मतदाता सूची से संबंधित कार्य ही किए जाने हैं, जिसके अनुसार एकीकृत मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन 12 नवंबर, 2026 को होगा। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक मतदाता सूचियों के संबंध में दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा तथा मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन चार जनवरी को होगा। उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवाओं तथा पहली बार मतदान करने वाले पात्र नागरिकों के पंजीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही एक अप्रैल, एक जुलाई एवं एक अक्टूबर की आगामी अर्हता तिथियों पर पात्र होने वाले युवा भी अग्रिम आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। इन आवेदनों का निस्तारण संबंधित अर्हता तिथि के अनुसार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन विभाग इस आशय के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित नहीं रहे तथा किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं हो। मतदाता सूची में नया नाम जुड़वाने के लिए पात्र नागरिक फॉर्म-6, प्रवासी भारतीय मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए फॉर्म-6ए, नाम हटवाने अथवा किसी प्रविष्टि पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म-7 तथा निवास स्थान परिवर्तन, प्रविष्टियों में सुधार, मतदाता फोटो पहचान पत्र के प्रतिस्थापन एवं दिव्यांग मतदाता के रूप में चिह्नित करवाने के लिए फॉर्म-8 में आवेदन कर सकेंगे।
पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान आवश्यकतानुसार विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान एवं शिविर आयोजित किए जाएंगे। विशेष रूप से युवा, वंचित, कमजोर, हाशिए पर रहने वाले वर्गों के पात्र नागरिकों एवं प्रवासी पात्र नागरिकों के पंजीकरण के लिए प्रयास किए जाएंगे। जिला एवं विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर आवश्यकतानुसार हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे, ताकि नागरिकों को मतदाता पंजीकरण एवं संबंधित प्रक्रियाओं में सहायता मिल सके।
श्री महाजन ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं संबंधित कार्मिकों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए पुनरीक्षण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी पात्र नागरिकों तथा राजनीतिक दलों से अपील भी की है कि वह पात्र नागरिकों का आवश्यकता अनुसार नाम जुड़वाने, संशोधन करवाने अथवा विलोपित करने के लिए ऑनलाइन अथवा बीएलओ के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत करें।
राजस्थान में 18 से 19 आयु वर्ग के पात्र युवाओं एवं प्रथम बार मतदाता बनने वाले नागरिकों के पंजीयन के लिए गत एक अक्टूबर से विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत राज्य में अब तक लगभग सात लाख फॉर्म प्राप्तहो चुके हैं।
अभियान के अंतर्गत जिलों में मतदाता पंजीयन की प्रगति की समीक्षा की गई। समीक्षा में बालोतरा जिला प्रथम स्थान पर रहा। इसके अतिरिक्त बांसवाड़ा, ब्यावर, भरतपुर तथा डीग का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा।
सर्वाधिक उपलब्धि वाले 15 जिलों में बालोतरा, बांसवाड़ा, ब्यावर, भरतपुर, डीग, धौलपुर, पाली, कोटपूतली-बहरोड़, झुंझुनूं, प्रतापगढ़, गंगानगर, सवाईमाधोपुर, दौसा, सीकर एवं चूरू शामिल हैं वहीं कुछ जिलों में पंजीयन की प्रगति अपेक्षाकृत कम पाई गई है। बाड़मेर जिला सबसे पीछे रहा। कोटा, जयपुर, राजसमंद तथा नागौर में भी पंजीयन की प्रगति में सुधार कीआवश्यकता है।
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