श्रीगंगानगर , अप्रैल 27 -- राजस्थान में राजस्थान बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष, वरिष्ठ अधिवक्ता और वामपंथी विचारधारा के प्रखर ध्वजवाहक नवरंग चौधरी (73) का सोमवार को सुबह सीकर से श्रीगंगानगर आ रही रेलगाड़ी में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।

उनके आकस्मिक निधन से अधिवक्ता जगत, बार संघ और जन संघर्ष के क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त हो गया है।

अधिवक्ता चौधरी मूल रूप से सीकर जिले के निवासी थे। वह अपने गांव गए थे, जहां से वह तड़के करीब चार बजे ट्रेन से श्रीगंगानगर के लिए रवाना हुए थे। यात्रा के दौरान ट्रेन में ही उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। ट्रेन जब हनुमानगढ़ पहुंची तो सहयात्रियों ने राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को सूचना दी। पुलिस ने शव हनुमानगढ़ टाउन सिविल अस्पताल पहुंचाया जहां पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया गया।

बाद में शव श्रीगंगानगर लाया गया। पुरानी आबादी में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के समीप स्थित उनके निवास पर शोक व्यक्त करने वालों का लगातार तांता लगा हुआ है।

उनके निधन की खबर सुबह करीब 10 बजे श्रीगंगानगर पहुंचते ही राजस्थान बार संघ और श्रीगंगानगर बार संघ ने शोक स्वरूप समस्त न्यायिक कार्य स्थगित कर दिए। श्रीगंगानगर से बड़ी संख्या में अधिवक्ता हनुमानगढ़ पहुंचे। श्रीगंगानगर बार संघ के अध्यक्ष हंसराज तनेजा, पूर्व अध्यक्ष अजय मेहता, भूरामल स्वामी सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया। बार संघ ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

अधिवक्ता चौधरी श्रीगंगानगर बार संघ के अध्यक्ष रह चुके थे। वह तीन बार राजस्थान बार काउंसिल के सदस्य चुने गए और एक बार काउंसिल के अध्यक्ष का पद भी सुशोभित किया। पिछले हफ्ते हुए राजस्थान बार काउंसिल के चुनाव में वह फिर से चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर रहे थे लेकिन एक नए नियम के कारण उनकी उम्मीदवारी खारिज कर दी गई थी।

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